निवासियों ने छात्रावास में परिवर्तन का किया विरोध
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। वाथोडा स्थित एनआईटी घरकुल योजना के तहत आने वाले फ्लैटों को छात्रावासों के लिए इस्तेमाल करने के प्रस्ताव पर निवासियों, लाभार्थियों और फ्लैटधारकों ने आपत्ति जताई है। निवासियों ने सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग द्वारा इस योजना के तहत लगभग 143 करोड़ रुपये में बेचने के प्रस्ताव के संबंध में पूर्ण पारदर्शिता की मांग पत्र परिषद में की। निवासियों के अनुसार, यह केवल सरकारी संपत्ति को एक विभाग से दूसरे विभाग में स्थानांतरित करने का मामला नहीं है, बल्कि किफायती आवास योजना के तहत नागरिकों को पहले से आवंटित फ्लैटों के अधिकारों से संबंधित प्रश्न भी है। कई लाभार्थियों ने फ्लैटों के लिए भुगतान कर दिया है और कुछ ने तो उन पर कब्जा भी कर लिया है।
एनआईटी के 27 मई, 2026 के पत्र के कारण चिंताएं बढ़ी निवासियों का दावा है कि 27 मई, 2026 के पत्र में वाथोडा, मौजा वाथोडा, खसरा संख्या 54 और फ्लैट संख्या सी/204 के संबंध में एनआईटी घरकुल योजना से छात्रावास के लिए फ्लैट खरीदने की मंजूरी का उल्लेख है। निवासियों का यह भी कहना है कि अगले आदेश तक प्रस्ताव या आवंटन दस्तावेज जारी न करने के निर्देश हैं और आवंटित
फ्लैटों के लिए पट्टा पंजीकरण आवेदन लंबित रखे जाने चाहिए। इससे उन नागरिकों के पंजीकरण, कब्जे और निवास अधिकारों को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है जिन्हें पहले ही फ्लैट आवंटित किए जा चुके हैं। निवासियों ने यह भी आरोप लगाया है कि पिछले कुछ दिनों से कुछ अज्ञात व्यक्ति इलाके में आकर छात्रावास के फर्नीचर और निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं और खुद को एनआईटी अधिकारी और सामाजिक न्याय विभाग के विक्रेता बता रहे हैं।











