भूमि और संपत्ति के डिजिटलीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहा महाराष्ट्र : फडणवीस
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। मुंबई में आयोजित ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026’ में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र देश का पहला ऐसा राज्य बनने जा रहा है जो जमीनों के टोकेनाइजेशन के लिए कानून और ब्लॉकचेन आधारित फ्रेमवर्क तैयार कर रहा है। इसके तहत राज्य सरकार ‘महाराष्ट्र डिजिटाइजेशन एंड एक्सचेंज ऑफ लैंड टोकेनाइजेशन एक्ट’ लाने की तैयारी में है। ग्लोबल फिनटेक दिग्गजों को संबोधित करते हुए फडणवीस ने कहा कि दुनिया के वित्तीय तंत्र का भविष्य अब केवल न्यूयॉर्क, लंदन और सिंगापुर जैसे पारंपरिक केंद्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी नई नींव भारत और मुंबई में रखी जा रही है।
महाराष्ट्र सरकार जमीनों के टोकेनाइजेशन के लिए एक कानूनी ढांचा तैयार कर रही है। इसके साथ बनने वाला ब्लॉकचेन फ्रेमवर्क सेबी, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के विशेषज्ञों, उद्योग और शिक्षा जगत के सहयोग से विकसित किया गया है। फडणवीस ने साफ किया कि टोकेनाइजेशन को सिर्फ क्रिप्टोकरेंसी या सट्टेबाजी के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। इसका असली मकसद अटकी हुई संपत्ति से पूंजी अनलॉक करना, पारदर्शिता लाना और मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ाना है। फिनटेक कंपनियों और इनोवेटर्स को आमंत्रित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, महाराष्ट्र को केवल अपना बाजार न समझें, बल्कि इसे अपनी प्रयोगशाला के रूप में देखें।
अगर कोई टेक्नोलॉजी या फाइनेंशियल सॉल्यूशन महाराष्ट्र में इतने बड़े पैमाने पर सफल हो सकता है, तो वह दुनिया में कहीं भी काम कर सकता है। राज्य सरकार फिनटेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टोकेनाइजेशन के क्षेत्र में नए प्रयोगों और सॉल्यूशंस के लिए एक बड़ा टेस्टबेड देने को तैयार है। फिनटेक के वैश्विक परिदृश्य पर बोलते हुए फडणवीस ने कहा, ग्लोबल फाइनेंस का भविष्य अब न्यूयॉर्क, लंदन या सिंगापुर के बजाय भारत में डिजाइन किया जा रहा है। मुंबई वो शहर बनना चाहिए जहां वैश्विक वित्त के भविष्य को आकार दिया जाए। अगली बड़ी ग्लोबल फिनटेक कंपनी या रिस्पॉन्सिबल फाइनेंशियल एआई का बड़ा इनोवेशन मुंबई से ही निकल सकता है।
भारत की अब तक की फिनटेक यात्रा को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, भारतीय फिनटेक क्रांति की पहली बड़ी उपलब्धि डिजिटल पेमेंट्स (UPI) का आम आदमी तक पहुंचना रहा है। अब क्रेडिट, इनवेस्टमेंट और ओनरशिप को इसी तरह आम जनता तक पहुंचाना और आसान बनाना है। एजेंटिक AI और टोकेनाइजेशन अंतिम व्यक्ति तक इन सेवाओं को पहुंचाने में मदद करेंगे।
एआई पर कंट्रोल और साइबर सुरक्षा सबसे जरूरी
फाइनेंशियल सिस्टम में एआई और टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल के बीच फडणवीस ने सुरक्षा और जवाबदेही पर जोर दिया। एआई नागरिकों के लिए काम कर सकता है, लेकिन अंतिम नियंत्रण हमेशा नागरिक के हाथ में होना चाहिए। इंटेलिजेंस के साथ-साथ जवाबदेही अनिवार्य है। ‘भरोसा’ ही वह आधारभूत तकनीक है जिस पर बाकी प्रौद्योगिकियां टिकी हैं। जैसे-जैसे भारत दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन रहा है, वैसे-वैसे हमारी साइबर सुरक्षा और सिस्टम की मजबूती को भी मजबूत करना होगा।











