धमाके वाली कार खुद चला रहा था, एनआईए की चार्जशीट में 13 आरोपियों के नाम, डीएनए जांच से उमर की पहचान का दावा
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली के लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुए कार विस्फोट की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बड़ा दावा किया है। एनआईए की चार्जशीट के मुताबिक, इस हमले का कथित मास्टरमाइंड उमर उन नबी था, जो विस्फोट में मारा गया था। जांच एजेंसी ने उसे कथित तौर पर फिर से सक्रिय किए गए अंसार गजवत-उल-हिंद मॉड्यूल का संचालन संभालने वाला व्यक्ति बताया है। अब सवाल है कि आखिर उमर उन नबी ने किस तरह इस कथित आतंकी साजिश को आगे बढ़ाया और लाल किले तक विस्फोट से भरी कार कैसे पहुंची।
उमर उन नबी पर क्या आरोप लगाए गए?
एनआईए के मुताबिक, उमर उन नबी उर्फ पिंडा और राहुल भट 2022 की शुरुआत से कथित तौर पर निष्क्रिय पड़े अंसार गजवत-उल-हिंद मॉड्यूल को दोबारा सक्रिय करने में लगा था। जांच एजेंसी ने उसे एजीयूएच इंटरिम का कथित परिचालन प्रभारी बताया है। एजेंसी के अनुसार, यह मॉड्यूल भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा के कथित फिर से सक्रिय रूप का हिस्सा था। एनआईए ने ये भी बताया कि उमर ने कार में बैठकर ही सक्रिय किया था बम। एनआईए ने आरोप लगाया कि नबी ने लोगों को कट्टरपंथी बनाया, शहादत और कथित तौर पर आत्मघाती हिंसा को बढ़ावा देने वाली सोच फैलाई, गुप्त बैठकें कराईं और आतंकवादी गतिविधियों के लिए प्रशिक्षण तथा जरूरी सामान की व्यवस्था की।
क्या अफगानिस्तान जाने की भी योजना बना रहा था?
चार्जशीट में नबी के अफगानिस्तान जाने की कथित योजना का भी जिक्र है। एनआईए के अनुसार, वह कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ने के बाद हिजरत के नाम पर अफगानिस्तान जाने की तैयारी कर रहा था।
जांच एजेंसी का दावा है कि नबी और मॉड्यूल से जुड़े दूसरे लोगों के पास कट्टरपंथी साहित्य था और उसे आपस में साझा भी किया जाता था। जांच में जिहाद की परिभाषा, जिहाद की जरूरतें, जिहाद के 21 उद्देश्य, जिहाद में सेवा और भागीदारी के 39 तरीके और जिहाद का समर्थन करने के 44 तरीके जैसे दस्तावेजों की जांच की गई। एजेंसी के अनुसार, इन दस्तावेजों में हिंसा और सशस्त्र संघर्ष को सही ठहराने की कोशिश की गई थी तथा गुप्त तरीके से काम करने, पहचान छिपाने और अलग-अलग तरह के हमलों से जुड़ी बातें भी थीं।
कैसे चल रहा था कथित आतंकी मॉड्यूल?
एनआईए की चार्जशीट के अनुसार, आरोपी लोग सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए संपर्क में रहते थे। आरोप है कि नबी ने इस कथित मॉड्यूल के लिए पैसे जुटाने, अवैध हथियार हासिल करने और सदस्यों तथा कथित तौर पर साजिश से जुड़े सामान के लिए जगह उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई। जम्मू-कश्मीर और दिल्ली-एनसीआर में कथित बैठकें होने और सदस्यों को प्रशिक्षण देने की बात भी जांच में सामने आई है। जांच एजेंसी ने रसायनों और प्रयोगशाला के उपकरण बरामद होने का भी दावा किया है।












