गणेश विसर्जन : क्यूआर कोड से मिलेगी नजदीकी कुंड की जानकारी, उपराजधानी में सवा 4 सौ कृत्रिम टैंक
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। गणेशोत्सव के दौरान पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए महानगरपालिका प्रशासन ने शहर में बड़े पैमाने पर कृत्रिम विसर्जन कुंड तैयार किए हैं। महापौर नीता ठाकरे ने फुटाला तालाब परिसर में कृत्रिम विसर्जन कुंड का लोकार्पण किया। वहीं मनपा मुख्यालय परिसर में निर्माल्य संकलन के लिए तैयार किए गए 18 रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इस अवसर पर उपमहापौर लीला हाथीबेड़, स्थायी समिति सभापति शिवानी दाणी, सत्ता पक्षनेता नरेंद्र (बाल्या) बोरकर, स्वास्थ्य सभापति मनीषा अतकरे, आयुक्त डॉ. विपिन, अतिरिक्त आयुक्त अंकित मुरूगानंथम एम., घनकचरा व्यवस्थापन कक्ष के उपायुक्त राजेश भगत, मुख्य स्वच्छता अधिकारी डॉ. गजेंद्र महल्ले, सूचना एवं प्रौद्योगिकी अधिकारी स्वप्नील लोखंडे सहित मनपा के अधिकारी और पदाधिकारी उपस्थित थे। महापौर नीता ठाकरे ने नागरिकों से शहर को स्वच्छ, सुंदर और हरित बनाए रखने में सहयोग करने तथा गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन कृत्रिम कुंडों में करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम विसर्जन कुंडों के उपयोग से जलस्रोतों में प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।
मनपा प्रशासन ने शहर के 10 जोन में 225 से अधिक स्थानों पर कुल 425 कृत्रिम विसर्जन टैंक तैयार किए हैं। न्यायालय के निर्देशों के अनुसार 6 फीट और उससे अधिक ऊंचाई वाली सार्वजनिक मंडलों की गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए कच्ची विसा, गोरेवाड़ा, पुलिस लाइन टाकली और कोराड़ी आरसीसी कृत्रिम तालाबों में विशेष व्यवस्था की गई है। सभी कृत्रिम विसर्जन टैंकों के पास निर्माल्य संकलन कुंड भी बनाए गए हैं। इसके अलावा प्रत्येक जोन में मोबाइल विसर्जन टैंक की व्यवस्था की जा रही है, ताकि नागरिकों को विसर्जन के लिए अधिक सुविधा मिल सके।
गणेशोत्सव के दौरान नागरिकों को अपने नजदीकी कृत्रिम विसर्जन टैंक की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने के लिए मनपा ने क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था शुरू की है। मनपा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन करने पर श्रद्धालुओं को कृत्रिम विसर्जन कुंड की लोकेशन की जानकारी मिल सकेगी। इससे नागरिक अपने नजदीकी स्थान पर पहुंचकर गणेश प्रतिमा का विसर्जन कर सकेंगे। डेढ़ दिन की गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए शहर के 8 जोन में 89 स्थानों पर विशेष व्यवस्था की गई है।











