त्योहारों पर खर्च करने से बचें : बावनकुले
नागपुर। राज्य में सूखे की स्थिति बेहद गंभीर है और यह संकट कोरोना महामारी से भी बड़ा है। अगले आठ महीनों तक किसानों और कृषि श्रमिकों को पानी, चारे और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। इसलिए, चुनाव के दौरान उम्मीदवारों को सामाजिक जागरूकता के साथ काम करना चाहिए और नागरिकों को भी त्योहारों पर होने वाले खर्च को सूखा प्रभावित लोगों की मदद के लिए दान करने पर ध्यान देना चाहिए। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सोमवार को नागपुर में मीडिया से बात करते हुए यह अपील की।
भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रो. अनिल सोले ने सोमवार को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया, जिससे भाजपा में हलचल मच गई। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि से पहले कोई भी बागी नहीं बन जाता। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे सोले को मनाने की कोशिश करेंगे। महायुति पिछले चुनाव में इस सीट पर जीत हासिल नहीं कर पाई थी। हालांकि, इस बार महायुति के सभी घटक दल, पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकजुट होकर काम कर रहे हैं और सुधाकर कोहले की भारी बहुमत से जीत निश्चित है।
सूखे की स्थिति गंभीर
राज्य में सूखे की स्थिति बेहद गंभीर है और सोयाबीन, कपास और मक्का की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कुछ क्षेत्रों में रबी मौसम की फसलों की कटाई में भी कठिनाई होने की संभावना है। आने वाले दिनों में चारे और पीने के पानी की समस्या हो सकती है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों को सहायता प्रदान करने के बारे में सोचना शुरू कर दिया है और फसल बीमा के साथ-साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के माध्यम से भी किसानों तक सहायता पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे।
चारे की कमी का समाधान
सरकार चारे की कमी से बचने की योजना बना रही है। जिन स्थानों पर कुछ नमी उपलब्ध है, वहां ‘माता जिजाऊ महिला सबलीकरण योजना’ के तहत चारे की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। वन विकास कार्य भी शुरू किए गए हैं।












