विश्व हिंदू परिषद के गौ विज्ञान केंद्र को गो टूरिज्म का दर्जा मिला
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। संघ का एक गीत है, ‘बोलणे जाते विरुन, सत्कर्म होतात अमर, गो विज्ञान केंद्र और विश्व हिंदू परिषद का कार्य वास्तव में सराहनीय है। हालांकि, समाज की जरूरतों को देखते हुए, गो सेवा का यह कार्य पर्याप्त नहीं है। हम सभी को अपनी सुरक्षा के लिए, धर्म की सुरक्षा के लिए यह कार्य करना होगा। हमारा समाज त्योहारों से प्रेम करता है, हम उत्साहपूर्वक उनमें भाग लेते हैं। लेकिन समाज की अपेक्षा है कि जो कार्य करना चाहिए वह मैं नहीं, बल्कि कोई और करे। समाज की अपेक्षा है कि धर्मों की रक्षा और स्थापना के लिए भगवान अवतार लें, हम ऐसा नहीं करेंगे, हमारे पास नौकरी है, करने के लिए और भी काम हैं। हालांकि, जब भी यह कार्य (धर्म की रक्षा का) किया गया, उसमें पूरे समाज का योगदान रहा। इस बात की चिंता किए बिना कि कब होगा, इस बात की चिंता किए बिना कि मेरा क्या होगा, हमें पूरी ताकत से देश और समाज के लिए काम करना चाहिए। यह अपील राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने की। सरसंघचालक मोहन भागवत ने यह भी कहा कि यदि मैं अपनी कमाई का कुछ हिस्सा समाज को दान करूं, तभी यह साबित होगा कि हम अपने महान पुरुषों के पदचिन्हों पर चल रहे हैं।
नागपुर के देवलापार स्थित विश्व हिंदू परिषद के गौ विज्ञान केंद्र को गो पर्यटन का दर्जा दिया गया है। इस अवसर पर बोलते हुए सरसंघचालक मोहन भागवत ने केंद्र के प्रवेश पत्र को इस देश का प्रमाण पत्र प्रदान किया। विश्व हिंदू परिषद द्वारा संचालित गो-विज्ञान अनुसंधान केंद्र, गोतीर्थ, देवलापार में पूज्य अशोकजी सिंघल की जन्म शताब्दी अवसर पर आयोजित पांच नई परियोजनाओं का उद्घाटन और शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के हाथों संपन्न हुआ। इस अवसर पर पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, वित्त एवं योजना राज्यमंत्री एड. आशीष जयसवाल, सांसद मायाताई इवनाते, विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार, केंद्रीय गौरक्षा प्रमुख दिनेश चंद्र, महाराष्ट्र राज्य गोसेवा आयोग अध्यक्ष शेखर मुंडقا, पोहरादेवी शक्ति पीठ महंत बाबू सिंह महाराज राठौड़, आयुष्मान भारत मिशन अध्यक्ष ओमप्रकाश शेटे, गो विज्ञान अनुसंधान केंद्र अध्यक्ष प्रदेश गुप्ता, कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत जांबेकर, उपाध्यक्ष यशपाल आर्य, सुश्री दिख्रे, सचिव रतन कुमार गुप्ता, कोषाध्यक्ष संजय एकापुरे, सागर मेघे, अतुल अरवाचित, अक्षय गुलहाने, सुनील मेहडिया, प्रशांत टिर्जे, विष्णु देशमुख, डॉ. संजय वते, डॉ. मनोज तालबाडी सहित अन्य गणमान्य नागरिक, पदाधिकारी, कार्यकर्ता, गो सेवक और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
भूमि पर चारा उत्पादन पर विचार : आशीष जयसवाल
देवलापार क्षेत्र अपने अभयारण्य और बाघों के लिए प्रसिद्ध था। अब लोग यहां स्थित गो विज्ञान केंद्र और यहां किए जा रहे शोध के बारे में जानने के लिए आएंगे। महाराष्ट्र सरकार ने देवलापार स्थित गो विज्ञान केंद्र को गो-तीर्थ का दर्जा दिया है। इसलिए, आने वाले समय में यहां शोध के लिए सरकारी निधि उपलब्ध कराना संभव होगा। मौजूदा सूखे की स्थिति को देखते हुए, राज्य के वित्त राज्य मंत्री आशीष जयसवाल ने जवाब दिया है कि विभिन्न जिलों के लिए उपलब्ध सीएफआर भूमि पर चारा उत्पादन पर विचार किया जा रहा है।
अयोध्या के लोगों का कारसेवकों के साथ सहयोग कर आश्रय दिया : आलोक कुमार
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि आज अशोक सिंघल को याद किया जा रहा है। तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने अयोध्या और अयोध्या जाने वाले हर रास्ते पर कई बाधाएं और मुश्किलें खड़ी कर दी थीं। फिर भी, हिंदू समुदाय ने इस चुनौती को स्वीकार किया। अयोध्या के लोगों ने कारसेवकों का सहयोग किया और उन्हें आश्रय दिया। अशोक सिंघल मोटरसाइकिल से वहां पहुंचे। उनके सिर पर ईंट से चोट लगी। इसकी परवाह किए बिना, अशोक सिंघल कारसेवक के रूप में अपना काम करते रहे। घायल अशोक सिंघल ने उस दिन हिंदू समुदाय को वीरता का परिचय दिया। अशोक सिंघल ने हिंदू समुदाय को विजय दिलाई।













