दशकों तक असहमति जताने की जगह रहे क्षेत्र की भूमिका बदल जाएगी, प्रदर्शन स्थल सूची से हटाया गया
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। देश के अलग-अलग कोनों के लोग दशकों से अपनी असहमति जाहिर करने के लिए नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटते रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता था कि यह एक ऐसी जगह है, जहां से उनकी आवाज नेताओं या नीति-निर्माताओं के कानों तक जाएगी। लेकिन लगता है कि दशकों तक देश में असहमति जाहिर करने के सबसे चर्चित स्थानों में से एक रहे जंतर-मंतर की भूमिका अब बदल जाएगी क्योंकि विरोध प्रदर्शन करने के निर्धारित स्थ्लों की सूची से इसे हटा दिया गया है।
दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को जारी एक स्थायी आदेश के तहत जंतर-मंतर रोड को निर्धारित विरोध प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया है। उन्होंने इसके साथ ही प्रदर्शनों के लिए तीन नए स्थानों मध्य दिल्ली में रामलीला मैदान, उत्तर दिल्ली में बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली में सोबीजी मैदान को नामित किया। हालांकि, राजधानी में विरोध प्रदर्शनों के प्रमुख केंद्र के रूप में जंतर-मंतर का उभार भी सार्वजनिक रूप से असहमति जताने के लिए निर्धारित जगहों में समय-समय पर हुए बदलावों के लंबे इतिहास का हिस्सा था। आजादी के बाद कई दशकों तक इंडिया गेट के पास बोट क्लब के लॉन और विजय चौक दिल्ली में बड़े विरोध प्रदर्शनों के प्रमुख स्थलों में शामिल थे।












