राहुल समेत 11 नेताओं ने दायर की याचिका : विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की, सुनवाई आज
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं ने सोमवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर दिल्ली में मार्च निकाला। सैकड़ों समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ निकले विपक्षी नेताओं ने निर्वाचन आयोग पर मतदाताओं के नाम बड़े पैमाने पर हटाने और चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए। इस मामले में राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।
कांग्रेस पार्टी की लीगल टीम ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इसमें कुल 11 पिटीशनर्स हैं, जिसमें राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा इस याचिका में सौगत राय (टीएमसी), अखिलेश यादव (सपा), तेजस्वी प्रसाद यादव (आरजेडी), संजय राउत (शिवसेना उबाठा), एम.ए. बेबी (सीपीएम), डी. राजा (सीपीआई), महुआ माजी (जेएमएम), सुप्रिया सुले (एनसीपी-एसपी) और ई.टी. मोहम्मद बशीर (आईयूएमएल) शामिल हैं।
इस्तीफा दीजिए, सरकारी गवाह बनिए : राहुल
मार्च से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने भाजपा पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान लगाए गए प्रतिबंधों पर सवाल उठाए और दावा किया कि पुलिसकर्मियों को युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि सरकार के भीतर के कुछ अधिकारी विपक्ष के साथ सूचनाएं शेयर कर रहे हैं। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त से इस्तीफा देने और कथित अनियमितताओं के पीछे मौजूद लोगों के बारे में जानकारी देने की अपील की। राहुल गांधी ने कहा, ‘इस्तीफा दीजिए, सरकारी गवाह बनिए। आपने गलती की है, लेकिन इस गलती के पीछे आपका दिमाग नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और विपक्ष की लड़ाई उन ताकतों के खिलाफ है, जो उनके पीछे हैं।’













