अराजकता फैलाने विदेशों से आ रहा फंड
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। लगातार हार और आगे जीत की कोई संभावना न होने के कारण कांग्रेस डरी हुई है। देश के कई राज्यों में जनता ने कई वर्षों से कांग्रेस को नकार दिया है। तमिलनाडु में 59 वर्षों से, पश्चिम बंगाल में 50 वर्षों से, सिक्किम में 42 वर्षों से, उत्तर प्रदेश में 37 वर्षों से, बिहार में 36 वर्षों से, त्रिपुरा में 33 वर्षों से, गुजरात में 31 वर्षों से और ओडिशा में 26 वर्षों से इस पार्टी का अस्तित्व लगभग समाप्त हो चुका है। कांग्रेस अन्य पार्टियों के दबाव में है। इसलिए, यह किसी भी तरह सत्ता में आने की कोशिश कर रही है। 1975 में राहुल गांधी की दादी इंदिरा गांधी ने संविधान में संशोधन करके मौलिक अधिकारों का हनन किया था और इसके खिलाफ अदालत जाने का रास्ता भी बंद कर दिया था। हमने उनका विरोध किया और संविधान को पुनः स्थापित किया।
मैं आपको चेतावनी देता हूं कि यदि आप संविधान के साथ खिलवाड़ करेंगे, तो चाहे आप संविधान की प्रति दिखाकर कितना भी विरोध प्रदर्शन करें, हम आपको बाबासाहब के संविधान को छूने नहीं देंगे। जब जंतर-मंतर पर अराजकता फैली थी, तब कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तरह-तरह की पोस्ट आ रही थीं। तब संसदीय समिति ने कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को बुलाकर पूछताछ की। तब इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने स्वीकार किया कि हमें पोस्ट को बढ़ावा देने के लिए पैसे मिल रहे थे। मुख्यमंत्री ने यह भी सहमित दी कि पैसा विदेशी हो सकता है। मुख्यमंत्री नागपुर के होटल नैवेद्यम में पत्रकारों से बातचीत करते समय बोल रहे थे। राजधानी दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और इंडिया अघाड़ी के नेता सड़कों पर उतर आए हैं। यहीं दूसरी ओर, मुंबई में ठाकरे के नेतृत्व में एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहा है।
इस पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि यह प्रदर्शन एक झूठा नैरेटिव फैलाने का प्रयास है। वे भारत के संविधान को नकार कर देश में अति वामपंथी सरकार स्थापित करना चाहते हैं। भारत के संविधान को नकारने का सबसे बड़ा काम राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन ने किया है। ये कहते हैं कि हम सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे, ये यह उम्मीद भी जताते हैं कि मुख्य न्यायाधीश हमारी बात सुनेंगे, लेकिन किस संविधान में लिखा है कि न्यायाधीश उनसे मिलें और उनकी बात सुनें? मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि कांग्रेस पार्टी ने जो शुरू किया है वह पूरी तरह से असंवैधानिक है। संविधान को अपने हाथ में लेकर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम किया जा रहा है। चुनाव आयोग, आरबीआई, सीएजी जैसी सभी संस्थाओं को अप्रभावी दिखाया जा रहा है। इन संस्थाओं के खिलाफ लोगों को भड़काकर यह धारणा बनाई जा रही है कि ये संस्थाएं न्याय नहीं दे सकतीं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिल्ली और मुंबई में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे आंदोलन का विरोध किया और विपक्ष की आलोचना की।












