अकाल प्रभावित सूची में 40 और तहसीलें शामिल, 3.5 लाख कृषकों को लाभ
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। महाराष्ट्र में सूखे और फसल खराब होने से परेशान किसानों के लिए राज्य सरकार ने राहत का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को बताया कि राज्य में सूखा प्रभावित तालुकों की संख्या 265 से बढ़ाकर 305 कर दी गई है। इसके साथ ही सरकार ने किसानों को दिवाली बोनस के तौर पर 5,000 रुपये देने का फैसला किया है। यह पैसा त्योहार से पहले किसानों के बैंकों खातों में पहुंचाने की तैयारी है। इसके तहत लगभग 3.5 लाख किसानों की सूची तैयार की गई है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह भी कहा कि दिवाली से पहले ही किसानों के खातों में यह राशि जमा कर दी जाएगी। इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सरकार का कहना है कि इस बार किसानों को राहत देने में देर नहीं की जाएगी, ताकि ये आर्थिक तंगी के बीच भी दिवाली की जरूरी तैयारियां कर सकें। मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सूखे के कारण किसानों को फसल के नुकसान के साथ-साथ आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार ने उनकी मदद के लिए जल्द कदम उठाने का फैसला किया है। पहले राज्य के 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया था। अब यह संख्या बढ़ाकर 305 कर दी गई है।
आम तौर पर सूखे से प्रभावित किसानों को दिसंबर में आर्थिक मदद दी जाती थी, लेकिन इस बार सरकार ने पहले ही सूखे की घोषणा कर दी है, ताकि किसानों को राहत के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार किसानों के लिए दिवाली आसान नहीं रहने वाली है। फसल खराब होने और आर्थिक तंगी के चलते कई परिवारों के लिए त्योहार का खर्च उठाना भी मुश्किल हो सकता है।
मंत्रिमंडल बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय
इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने किसानों को दिवाली बोनस के रूप में 5,000 रुपये देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि कर्ज माफी से जुड़ी रकम भी किसानों के खातों में जमा की जा रही है। महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य के 32 जिलों में कुल 358 तालुका है। इनमें से पहले ही 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया जा चुका था। अब सरकार ने 40 और तहसीलों को इस सूची में शामिल कर लिया है। इसके साथ ही सूखा प्रभावित तालुकों की कुल संख्या 305 हो गई है।
चारे के लिए बड़ा निर्णय
हम व्यापक स्तर पर चारे की व्यवस्था कर रहे हैं। आज की मंत्रिमंडल की बैठक में हमने चारे की स्थिति पर विचार किया। कुछ क्षेत्रों में 90 दिनों के लिए चारा उपलब्ध है, जबकि कुछ क्षेत्रों में 6 से 7 महीने तक का स्टॉक है। इसलिए, हमारा प्रयास है कि अधिकतम मात्रा में चारा उपलब्ध हो। हम बांध क्षेत्र में चारे की खेती पर ध्यान केंद्रित करेंगे। जिन लोगों के पास पानी की सुविधा है, उन्हें सर्दियों के मौसम में ज्वार की फसल उगने या चारे की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार चारे की खेती या चारे की कटाई के लिए सभी लागतों को कवर करने के लिए सहमत है, और इस संबंध में जल्द ही एक निर्णय और घोषणा की जाएगी।
मंत्रिमंडल के अन्य संक्षिप्त निर्णय
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प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक नेतृत्व के लिए बधाई का प्रस्ताव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बधाई दी गई। संवैधानिक पद पर रहते हुए पच्चीस वर्ष तक जनसेवा करने के लिए उन्हें एकमत से बधाई दी गई। यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रस्तुत किया। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एवं उपमुख्यमंत्री सुनंदा [सुनेत्रा] अजित पवार सहित मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया।
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सरकारी भूमि के वितरण संबंधी नियमों में बदलाव: सरकारी स्वामित्व वाली, छोटे आकार की, स्वतंत्र रूप से निर्माण हेतु अनुपयुक्त, उपयोगी आकार न रखने वाली, एवं जहां तक पहुंचना संभव न हो, ऐसी भूमियों के वितरण संबंधी नीतियों में सुधार करने की मंजूरी दी गई है। महाराष्ट्र भूमि राजस्व (सरकारी भूमि का निपटारा) नियम, 1971 के नियम 37 और 37 अ में संशोधन किया गया। (राजस्व, पंजीकरण एवं मुद्रांक शुल्क)
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शिक्षा में श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं को विकसित करने का रास्ता साफ: श्री संत गजानन महाराज संस्थान, शेगांव के मौजे गिरढ़ा (तहसील/जिला: बुलढाणा) स्थित तीर्थस्थल के विकास हेतु स्थायी इमारतें बनाने की अनुमति दी गई है। संस्थान को पहले ही 19 हेक्टेयर 6 आर जमीन वृक्षारोपण हेतु दी गई थी। इनमें से 3 हेक्टेयर 81 आर जमीन पर ही इमारतें बनाई जा सकेंगी। इससे तीर्थयात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। (राजस्व, पंजीकरण एवं मुद्रांक शुल्क संबंधी विवरण अलग से दिए जाएंगे।)















