जलगांव। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने आज एक और सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने कहा कि कथित क्लिप के जरिए एकनाथ शिंदे को राजनीतिक रूप से खत्म करने की कोशिश की जा रही थी। लेकिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी निशाना बनाने की साजिश रची गई थी। मनोज जरांगे पाटिल ने दावा किया कि क्लिप में बोलने वाले लोग ही इन नेताओं का राजनीतिक करियर खत्म करना चाहते थे। क्या इस साजिश के पीछे देश का कोई व्यक्ति या संगठन था? इन लोगों का मकसद क्या था? देवेंद्र फडणवीस को इसकी जांच करनी चाहिए।
मनोज जरांगे पाटिल ने मीडिया से बातचीत के दौरान यह मांग की। उन्होंने कहा, यह क्लिप सुनाने के बाद सीधे जड़ पर चोट लगी है। उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा है। वे अंदर से घबरा गए हैं। एकनाथ शिंदे भी झूठा आरोप बर्दाश्त नहीं कर सकते। उन्होंने पैसे नहीं लिए हैं। क्लिप में बोलने वाले लोग कौन हैं और उन्होंने यह साजिश क्यों रची? इसकी जांच एकनाथ शिंदे करेंगे। सहयोगी दल से ज्यादा और सत्ता से ज्यादा व्यक्तिगत प्रतिष्ठा महत्वपूर्ण होती है। यह व्यक्तिगत प्रतिष्ठा पर हमला है। क्या शिंदे का राजनीतिक करियर खत्म करने की कोशिश की जा रही थी? यह उनके सामने एक बड़ा सवाल है। इसलिए वे भी इस मामले की जांच करेंगे। भले ही वे ऊपर से मीठी-मीठी बातें कर रहे हों, लेकिन अंदर ही अंदर काफी नाराजगी है।
शिंदे का भी राजनीतिक करियर खत्म करने की साजिश थी
मनोज जरांगे ने कहा, मुझे कल जो जानकारी मिली, उसके मुताबिक देवेंद्र फडणवीस को अंधेरे में रखकर यह साजिश रची गई। क्लिप में बोलने वाले सात-आठ लोग अब कह रहे हैं कि भाजपा उन्हें खत्म कर रही है। वही लोग शिंदे और भाजपा को खत्म करने निकले थे। अब वे उल्टा आरोप लगा रहे हैं। फडणवीस को शायद यह पता नहीं होगा कि उनके पीछे क्या चल रहा था। लेकिन अगर इस मामले की गहराई से जांच की जाए, तो पता चलेगा कि फडणवीस को भी राजनीतिक रूप से खत्म करने की साजिश थी। हालांकि, आखिरकार उन्हीं लोगों का खेल बिगड़ गया। एकनाथ शिंदे को भी निशाना बनाया जाना था और देवेंद्र फडणवीस को भी। मेरा ऐसा ही अनुमान है।
मामले की जांच करनी चाहिए
मनोज जरांगे पाटिल ने कहा, अगर क्लिप में बोलने वाले चार-पांच लोगों को बचाने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है, तो यह साबित हो जाएगा कि इस साजिश के पीछे फडणवीस और शिंदे नहीं थे। इससे यह भी साबित होगा कि इन दोनों की जानकारी के बिना पर्दे के पीछे एक बड़ी साजिश रची जा रही थी। क्लिप में बोलने वाले लोग अब वीडियो वायरल कर रहे हैं और कह रहे हैं कि भाजपा उन्हें खत्म कर रही है। मुझे ऐसी जानकारी मिली है, हालांकि मैंने उनके वीडियो नहीं देखे हैं। क्लिप में बोलने वाले ये लोग कौन हैं? यह सवाल शिंदे और फडणवीस के सामने भी होगा। इन लोगों का संबंध किससे है? क्या देश में कोई इनके पीछे खड़ा है? इसकी जांच फडणवीस और शिंदे को करनी चाहिए। इस वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाया गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज जरांगे ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा, हम AI वीडियो क्यों बनाएंगे? हमारे पास तो ठीक से काम करने वाले मोबाइल फोन तक नहीं हैं। अगर हमने यह वीडियो बनाया होता, तो उसमें वधावन बंदरगाह का मुद्दा क्यों शामिल करते? अमेरिका का जिक्र क्यों करते? कर्नाटक का मुद्दा क्यों उठाते? हम शरद पवार, उद्धव ठाकरे और अखबार वालों का जिक्र क्यों करते? संपादकों का उल्लेख करने की हमें क्या जरूरत थी? आखिर इस पूरे मामले में हमारा क्या लेना-देना है?
अगर जांच नहीं हुई, तो भाजपा को नुकसान हो सकता है
मनोज जरांगे ने कहा, इनमें से एक व्यक्ति ने वीडियो बनाकर कहा है कि भाजपा हमें खत्म कर रही है, जबकि हम भाजपा और फडणवीस के लिए काम करते हैं। इन लोगों की मदद के लिए देश में कौन-सी व्यवस्था या एजेंसी काम कर रही थी, इसकी जांच होनी चाहिए। अगर जांच नहीं की गई, तो इसका अर्थ यह निकाला जा सकता है कि इस पूरे मामले के पीछे फडणवीस ही थे। हालांकि, मेरी जानकारी के मुताबिक फडणवीस इस मामले की जांच जरूर करेंगे। यह एक अजीब मामला है। इससे भाजपा को नुकसान हो सकता है। एकनाथ शिंदे की छवि भी खराब हो सकती है और मराठा समुदाय के मतदाता उनसे दूर हो सकते हैं।















