कई स्थानों पर तेज बारिश व गरज-चमक की आशंका
लोकवाहिनी संवाददाता
अमरावती। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के चक्रवात में बदलने की आशंका के बीच पूरे विदर्भ में बारिश का अनुमान जताया गया है。 बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाएं विदर्भ की ओर बढ़ रही हैं。 इसके प्रभाव से पूर्वी विदर्भ में 27 से 31 अक्टूबर के दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है。 श्री शिवाजी कृषि महाविद्यालय, अमरावती के मौसम विभाग के पूर्व प्रमुख प्रा. अनिल बंड ने यह जानकारी दी。
प्रा. अनिल बंड के अनुसार, वर्तमान में अंडमान सागर के क्षेत्र में मौजूद गहरे दबाव का क्षेत्र (डीप डिप्रेशन) और अधिक तीव्र होकर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके उत्तर-पश्चिम से उत्तर दिशा की ओर बढ़ने और इसकी तीव्रता में वृद्धि होने की संभावना है।
अनुमान के मुताबिक, 27 अक्टूबर को यह पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में में बदल सकता है। वहीं, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराते समय इसके अत्यंत तीव्र चक्रवाती तूफान का रूप लेने की आशंका है। इस दौरान हवा की गति 100 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इस चक्रवात के प्रभाव से विदर्भ में 27 से 31 अक्टूबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 27 अक्टूबर को विदर्भ के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 28 और 29 अक्टूबर को कई क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश की स्थिति बन सकती है। पूर्वी विदर्भ में बारिश का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक रहने का अनुमान है। वहीं, 30 और 31 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। ऐसे में मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए लोगों और किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है।
फसल कटाई के बीच किसानों की बढ़ी चिंता
खेतों में फसल कटाई का काम जारी रहने के बीच बारिश की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बिजली गिरने, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है। ऐसे में किसानों को सावधानी बरतने और मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी गई है। इस बीच अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट के कारण सुबह के समय हल्की ठंड महसूस होने लगी है। हालांकि, कड़ाके की ठंड के लिए अभी लगभग 15 दिन और इंतजार करना पड़ सकता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अल नीनो के प्रभाव से तापमान और बारिश के सामान्य चक्र में बदलाव देखने को मिल रहा है। किसानों के लिए जरूरी सावधानी: मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखें। बारिश या बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचें और कटी हुई फसल को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक इंतजाम करें।












