कोल्हापुर। गन्ने का उचित भाव मिलने की मांग को लेकर शुरू हुए किसान आंदोलन के कारण पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। कोल्हापुर जिले के किनी टोल नाके पर स्वाभिमानी शेतकरी संगठन द्वारा शुरू किए गए चक्का जाम आंदोलन का गुरुवार को तीसरा दिन रहा। आंदोलनकारी हाईवे से हटने के लिए तैयार नहीं हैं। संगठन के संस्थापक राजू शेट्टी ने गन्ने के दाम के मुद्दे पर समाधान निकालने के लिए चीनी मिल मालिकों को अंतिम अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि आज कोई फैसला नहीं हुआ तो शुक्रवार से आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इस आंदोलन के कारण जहां हाईवे पर यातायात व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई है, वहीं एसटी महामंडल और गोकुल दूध संघ के आर्थिक कारोबार पर भी बड़ा असर पड़ा है।
4,200 रुपये पर समझौता करने की तैयारी
चालू पेराई सीजन में गन्ना उत्पादक किसानों को प्रति टन 4,500 रुपये पहली किस्त के रूप में दिए जाने की मांग स्वाभिमानी शेतकरी संगठन ने की है। संगठन ने केंद्र सरकार से चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य 50 रुपये प्रति किलो और सी-हेवी मोलासेस से उत्पादित इथेनॉल का भाव 70 रुपये प्रति लीटर करने की मांग भी की है। संगठन का कहना है कि चीनी मिलों को चीनी और अन्य उप-उत्पादों से होने वाली आय की तुलना में किसानों को मिलने वाला भुगतान अपर्याप्त है। संघर्ष टालने के लिए राजू शेट्टी ने प्रति टन 4,200 रुपये एकमुश्त पहली किस्त देने का विकल्प सामने रखा है। हालांकि, चीनी मिल मालिकों की ओर से अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिलने के कारण आंदोलन जारी है
















