किसानों ने कहा – मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
बुलढाणा। बुलढाणा जिले में सूखे की गंभीर स्थिति के बीच किसानों की समस्याओं और आर्थिक सहायता की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। मंगलवार को जलगांव जामोद तहसील के खांडवी फाटा में किसानों ने अनोखे तरीके से आंदोलन करते हुए सीधे कुएं में उतरकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। सामाजिक कार्यकर्ता अक्षय पाटिल के नेतृत्व में शुरू हुए इस आंदोलन में शिवदास खिरोडकार, वैभव जाने और आकाश आटोले सहित अन्य किसान शामिल हुए।
आंदोलनकारियों ने कहा कि जिले में भीषण सूखे के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके बावजूद किसानों को अपेक्षित सहायता नहीं मिली है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर किसान गहरे कुएं में उतर गए और सरकार तथा प्रशासन से तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की। आंदोलनकारियों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया है। आंदोलनकारी किसानों की प्रमुख मांग है कि सूखे से प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। इसके अलावा वर्ष 2024 की लंबित फसल बीमा राशि तथा वर्ष 2025-26 का फसल बीमा किसानों को तत्काल वितरित किया जाए।
फसल ऋण प्रक्रिया सरल करने की मांग
किसानों ने फसल ऋण वितरण की प्रक्रिया को सरल बनाने की भी मांग की है। बैंकों की ओर से लगाए जाने वाले जटिल नियमों में बदलाव कर किसानों को आसानी से फसल ऋण उपलब्ध कराया जाए। साथ ही ऋण वितरण में अनावश्यक बाधा उत्पन्न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को भी मिले मदद
आंदोलनकारियों ने बताया कि 31 जुलाई 2026 को हुई अतिवृष्टि के कारण कई किसानों की फसलें बह गईं और खेतों में भारी नुकसान हुआ। ऐसे किसानों को भी सरकार की ओर से पर्याप्त आर्थिक सहायता देने की मांग की गई है। कुएं में उतरकर किए गए इस आंदोलन से प्रशासन और पुलिस की हलचल बढ़ गई। अधिकारियों की ओर से आंदोलनकारियों को समझाने और आंदोलन समाप्त कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।













