पुन : जांच के बाद हाईकोर्ट ने एफडीए अधिकारियों को फटकार लगाई
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। राज्य में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) विभाग के आयुक्त के रूप में तुकाराम मुंढे की नियुक्ति के बाद से विभाग ने कार्रवाई का अभियान तेज कर दिया है। पिछले कुछ दिनों में गुटखा, मिलावट, दवाओं और होटलों में अनियमितताओं तथा अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में एफडीए ने नवी मुंबई के एक पांच सितारा होटल को सील कर दिया, जिसके बाद होटल प्रबंधन ने अदालत में याचिका दायर की। इसी मामले की सुनवाई के दौरान मुंबई हाईकोर्ट ने एफडीए अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही संबंधित होटल का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई वापस लेकर सुधार नोटिस जारी करने पर एफडीए ने सहमति जताई। नवी मुंबई के पांच सितारा होटल को सील किए जाने के बाद अब सबकी नजर हाईकोर्ट की सुनवाई पर थी।
आखिरकार आज हुई सुनवाई में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए। अदालत ने एफडीए की कार्रवाई पर सवाल उठाए। जब एफडीए ने मंत्रालय की जांच की थी, तब मंत्रालय के कैंटीन को क्लीन चिट दे दी गई थी। इस पर अदालत ने पूछा कि इतने बड़े कैंटीन में आपको कुछ भी कैसे नहीं मिला? इसके बाद वकीलों की मौजूदगी में दोबारा जांच के आदेश दिए गए। जांच में मंत्रालय के कैंटीन में मक्खियां मिलीं। साथ ही पानी की निकासी वाली ड्रेन की जालियां खुली थीं, फ्रिज में भी गंदगी पाई गई और बेसिन के आसपास का क्षेत्र भी असवच्छ था, ऐसा वकीलों की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया। वकीलों की रिपोर्ट पेश होने के बाद हुई सुनवाई में अदालत ने एफडीए को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि आज सुबह आपने जो रिपोर्ट दी, उसमें मंत्रालय का उपहारगृह 98% स्वच्छ बताया गया। खास बात यह है कि उस समय आपने सात घंटे तक जांच की थी। लेकिन आज वकीलों ने केवल आधे घंटे की जांच में इतनी सारी कमियां ढूंढ लीं।
अदालत ने कहा कि तस्वीरें में सब कुछ बिल्कुल साफ दिखाई दे रहा है और ये तस्वीरें आपकी रिपोर्ट से ज्यादा स्पष्ट हैं। आपने एक केले पर काला धब्बा देखकर कार्रवाई की, जबकि मंत्रालय में ड्रेनेज पाइपलाइन टूटी हुई है, पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है और वहीं बर्तन धोए जा रहे हैं। इसलिए या तो मंत्रालय के उपहारगृह का लाइसेंस रद्द करें या याचिकाकर्ता का लाइसेंस बहाल करें। अदालत ने यह भी कहा कि आप भेदभाव नहीं कर सकते। सभी के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। कानून से बड़ा कोई नहीं है, VVIP भी नहीं। ऐसा करेंगे तो मुंबई के आधे प्रतिष्ठान बंद हो जाएंगे। इस दौरान हाईकोर्ट में मंत्रालय के फ्रिज की तस्वीरें भी दिखाई गईं। अदालत ने कहा कि इससे ज्यादा साफ तो जूतों का स्टैंड होता है और FDA को फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि हम भी याचिकाओं में छोटी-छोटी गलतियां निकालकर उन्हें सीधे खारिज कर सकते हैं, लेकिन हम याचिकाकर्ताओं को सुधार का अवसर देते हैं जबकि आप सीधे लाइसेंस रद्द कर रहे हैं। हम उन्हें सुधार नोटिस देते हैं, फिर दोबारा जांच करते हैं और उसके बाद आगे की कार्रवाई होती है। आप जो कर रहे हैं वह अच्छा है और लोग भी कार्रवाई का स्वागत कर रहे हैं, लेकिन यदि आप सीधे लाइसेंस रद्द करेंगे तो मुंबई के आधे प्रतिष्ठान बंद करने पड़ेंगे।










