राज्य में अल नीनो को लेकर कृषिमंत्री भरणे ने चेताया
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। अल नीनो के कारण किसान बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है। दिवाली के मुहाने पर किसानों के हाथ-मुंह तक आया निवाला प्रकृति ने छीन लिया है। खरीफ की फसलें जलकर बर्बाद हो गई हैं। अब किसानों की नजर लौटती बारिश पर लगी है। लौटती बारिश बरसी तो किसानों को राहत मिल सकती है। लेकिन लौटती बारिश ने भी दगा दिया तो किसानों का संकट और भी गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है। किसानों के जीवन में संकट पैदा करने वाले अल नीनो पर कृषिमंत्री भरणे ने महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया दी है। कृषिमंत्री दत्तात्रय भरणे ने मीडिया से संवाद साधा। मंत्री भरणे ने कहा, हम मौसम विभाग पर निर्भर रहते हैं। आखिर वे विशेषज्ञ होते हैं। वे भी अनुमान के आधार पर जानकारी देते रहते हैं। कभी-कभी उनके अनुमान गलत साबित होते हैं। कभी सही साबित होते हैं। अल नीनो का संकट है ही। बारिश के मौसम में अब धूप निकली है। इसलिए सूखा पड़ा है। गर्मियों में और भी कड़ी धूप पड़ेगी, ऐसा भी उनका अनुमान है। अभी भी लौटती बारिश है। लौटती बारिश हो, ऐसी ईश्वर से प्रार्थना है। हमारा किसान मुश्किल में है। खरीफ की फसल बर्बाद हो गई है। बारिश हुई तो रबी में कुछ हाथ लगेगा।
किसानों से अपील करते हुए भरणे ने कहा, यह संकट है। निश्चित रूप से बारिश में खंड पड़ा है। फसलें जल गई हैं। यह प्रकृति का संकट है। इस संकट का सामना करना पड़ेगा। इस संकट से लड़ना पड़ेगा। मुश्किल समय है। मुश्किल समय में सरकार आपके साथ है। हम सभी आपकी मदद करेंगे। इस संबंध में निश्चित रूप से गांव जाकर किसानों की व्यथा जानेंगे। शासन की ओर से नागरिकों और किसानों की रोजगार संबंधी समस्याएं होंगी। खेती, पशुधन के संबंध में होंगी। जगह-जगह किसानों से अपील करेंगे कि अलग विचार न करते हुए सरकार आपके साथ है। यह पूरा मुश्किल समय है। इसमें डगमगाना नहीं चाहिए। किसानों के खेतों में पंचनामा कैसे करेंगे, इस पर भरणे ने कहा, एनडीआरएफ की मदद लेंगे। इसके लिए नियमों का पालन करना पड़ता है। केंद्र सरकार की मदद ले रहे हैं। उसके बाद भी उनकी मदद का इंतजार किए बिना राज्य सरकार किसानों की मदद करेगी। लेकिन पंचनामा से पहले आर्थिक मदद की मांग किसान कर रहे हैं, इस पर भरणे ने कहा, आखिर प्रक्रिया पूरी करने दीजिए। शनिवार को अधिसूचना जारी की है। आज सोमवार है। जल्द से जल्द करेंगे। हम भी किसान हैं। हम किसानों के बच्चे हैं। किसानों का दुख और परेशानियां मालूम हैं। हमें सोते समय खेती दिखाई देती है। हमें सुबह उठते समय खेती दिखाई देती है। इसलिए जल्द से जल्द मदद करेंगे।
किसान इस साल दिवाली सादगी से मनाएं : रोहित पवार
राज्य में सूखा, एमपीएससी में घोटाला और एसआईआर प्रक्रिया पर विवाद की पृष्ठभूमि में राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार पार्टी की सोमवार को मुंबई के यशवंतराव चव्हाण सेंटर में राज्य कार्यकारिणी की बैठक हुई। इस बैठक में मुख्य रूप से सूखे की स्थिति और पार्टी संगठन पर चर्चा की गई। इस दौरान विधायक रोहित पवार ने सूखे के मुद्दे पर अपनी भूमिका रखते हुए इस साल दिवाली सादगी से मनाने की अपील की। रोहित पवार ने बताया कि उन्होंने राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया और सूखे की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने पिछले कुछ दिनों में मराठवाड़ा, विदर्भ और महाराष्ट्र के कई हिस्सों का दौरा किया है। रोहित पवार ने कहा, पिछले कुछ दिनों में मराठवाड़ा, विदर्भ और महाराष्ट्र के कई हिस्सों का दौरा किया है। हमारी बैठकें हो रही थीं, उस समय शरद पवार ने हमें पहले ही बताया था कि अल निनो के कारण बारिश में खंड पड़ेगा।
अक्टूबर महीने में बारिश कम हुई। जून की बारिश कम हुई। जुलाई में बारिश हुई, उस समय सरकार के नेता, अधिकारी भूल गए कि सूखे की स्थिति पैदा हो सकती है। अगस्त, सितंबर में केवल 50 से 60 प्रतिशत ही बारिश हुई है, ऐसा उन्होंने कहा। सूखे की स्थिति की पृष्ठभूमि में आंदोलन करते समय केवल प्रसिद्धि के लिए या फोटो खिंचवाने के लिए आंदोलन नहीं करना चाहिए, ऐसी अपील भी रोहित पवार ने की। नई पीढ़ी का राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को देखने का दृष्टिकोण बदल गया है, ऐसा बताते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं द्वारा युवा पीढ़ी को विश्वास में लेने की जरूरत व्यक्त की। उन्होंने कहा, फोटो खिंचवाने के लिए आंदोलन मत करो। लोग समझदार हो गए हैं। नई पीढ़ी आक्रामक है, अध्ययनशील है। इसलिए इस पीढ़ी को हमें विश्वास में लेना होगा। राज्य के किसान आर्थिक परेशानी में होने की बात कहते हुए रोहित पवार ने नागरिकों से इस साल दिवाली सादगी से मनाने की अपील की। किसानों को मदद देने के बारे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा दिए गए वादे का उल्लेख करते हुए उन्होंने सरकार से सभी किसानों को मदद देने की मांग की। रोहित पवार ने कहा, “इस साल दिवाली सादगी से मनाएं। किसान परेशानी में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सभी को मदद करेंगे। हमें अंत तक इसी वादे पर कायम रहना है। हम सरकार को 12 दिनों का समय देंगे। अगर नहीं हुआ तो समृद्धि महामार्ग हम रोकने वाले हैं,” ऐसी सीधी चेतावनी भी उन्होंने इस दौरान दी।













