उच्च-ऊर्जा न्यूट्रिनो की खोज के लिए मिला सम्मान
स्टॉकहोम। फ्रांसिस हैल्जेन को खगोल-भौतिकीय घटना से उत्पन्न उच्च-ऊर्जा वाले ‘न्यूट्रिनो’ की खोज और आइसक्यूप न्यूट्रिनो वेधशाला में योगदान के लिए साल 2026 के भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित करने की मंगलवार को घोषणा की गई। भौतिकी के लिए नोबेल समिति के अध्यक्ष मार्क पीयर्स ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, फ्रांसिस हैल्जेन ने शोधकर्ताओं और इंजीनियरों की उस अंतरराष्ट्रीय टीम का नेतृत्व किया, जिसने हमें एक शानदार उपकरण दिया। उनकी लगन और वैज्ञानिक दूरदृष्टि ने एक नये तरह के खगोल विज्ञान का मार्ग प्रशस्त किया है। हैल्जेन ने मंगलवार को इटली से नोबेल समिति से फोन पर बातचीत की। उन्होंने कहा, यह मेरे लिए एक बहुत बड़ा ‘सरप्राइज’ है और जाहिर है मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा कि पहले ही यह अनुमान जताया गया था कि उन्हें नोबेल पुरस्कार मिलेगा, लेकिन फिर भी इसकी घोषणा से उन्हें “बेहतरीन” अहसास हुआ। बेल्जियम में जन्मे हैल्जेन (82) अमेरिका के विस्कॉन्सिन-मैडिसन विश्वविद्यालय से जुड़े हैं।











