नई दिल्ली। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के उप महासचिव एम. सत्यनारायण ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत ने अक्टूबर में पांच बार के विश्व चैंपियन ब्राजील के खिलाफ होने वाले हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच को प्राथमिकता देते हुए पहले फीफा आसियन कप से नाम वापस ले लिया है। भारत के आगामी टूर्नामेंट से हटने का मतलब यह भी है कि वह फीफा से मान्यता प्राप्त इस प्रतियोगिता में दक्षिण-पूर्व एशिया की कुछ प्रमुख टीम के खिलाफ खेलने का मौका गंवा देगा। सत्यनारायण ने से कहा, ‘हमने फीफा आसियन कप से नाम वापस ले लिया है क्योंकि हम ब्राजील और फीफा आसियन कप दोनों में नहीं खेल सकते।’
पहली बार आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता की परिकल्पना आसियन क्षेत्र की टीमों के लिए एक नई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के रूप में की गई थी जिसमें भारत को गैर आसियन प्रतिभागियों में से एक के तौर पर आमंत्रित किया गया था। भारत ने शुरुआत में फीफा के इस नए टूर्नामेंट में भाग लेने का निमंत्रण स्वीकार किया था और बाद में उसे डिवीजन-एक के ग्रुप ए में इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर के साथ रखा गया था। यह प्रतियोगिता 21 सितंबर से छह अक्टूबर के बीच फीफा की अंतरराष्ट्रीय विंडो (अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के आयोजन के लिए निश्चित समय) के दौरान होनी है। हालांकि तीन अक्टूबर को कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में ब्राजील के खिलाफ भारत के मैच की प्रतिबद्धता के कारण कार्यक्रम में टकराव पैदा हो गया।
एआईएफएफ ने पहले आसियन कप में अलग या डेवलपमेंटल टीम उतारने की संभावना पर विचार किया था लेकिन अब पूरी तरह हटने और अंतरराष्ट्रीय विंडो का इस्तेमाल मैत्री मुकाबलों के लिए करने का फैसला किया है। ब्राजील के खिलाफ मुकाबले की आधिकारिक घोषणा पिछले महीने की गई थी। इस बीच बृहस्पतिवार को आई रिपोर्टों के मुताबिक भारत 2026 फीफा विश्व कप में खेलने वाली टीमों के खिलाफ भी मैत्री मैच कराने की संभावना तलाश रहा है।













