समाधान : बक्यादारों को राहत के लिए विभिन्न छूटों की घोषणा
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। दिवाली के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में महावितरण ने लघु और उच्च दाब की स्थायी बिजली आपूर्ति बाधित गैर-कृषि बिजली उपभोक्ताओं को बकाया में राहत देने के लिए ‘अभय योजना 2026-27’ की घोषणा की है। यह योजना शुक्रवार, 6 नवंबर से 15 जनवरी 2027 तक लागू रहेगी। अभय योजना के तहत, जिसमें बकाया बिलों में राहत के लिए व्यापक रियायतें शामिल हैं, बकाया बिलों पर कुल ब्याज और विलंब शुल्क का 100 प्रतिशत माफ किया जाएगा। वहीं, यदि शेष मूल बकाया बिल एकमुश्त चुकाया जाता है, तो 20 प्रतिशत तक की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। साथ ही मांग पर तुरंत बिजली कनेक्शन बहाल किया जाएगा। इस योजना का शुभारंभ गुरुवार को महावितरण के प्रकाशगढ़ स्थित मुख्यालय में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव और महावितरण के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक लोकेश चंद्र की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर निदेशक धनंजय आँडेकर (संचालन), अनुदीप दिघे (वित्त), योगेश गडकरी (वाणिज्य), सचिन तालेवार (परियोजना), राजेंद्र पवार (मानव संसाधन) आदि उपस्थित थे। घरेलू, वाणिज्यिक, औद्योगिक और अन्य गैर-कृषि (कृषि और सार्वजनिक नल जलापूर्ति योजनाओं को छोड़कर) ग्राहक जिनकी बिजली आपूर्ति 31 मार्च 2026 तक उच्च और लघु दबाव श्रेणियों में स्थायी रूप से काट दी गई है, साथ ही वे ग्राहक जिनकी बिजली आपूर्ति 31 दिसंबर 2025 तक अस्थायी रूप से काट दी गई है, वे ‘अभय योजना 2026-27’ के लिए पात्र हैं।
यह योजना महावितरण वितरण फ्रेंचाइजी के अंतर्गत आने वाले ग्राहकों पर भी लागू है। इस योजना के तहत, कुल बकाया राशि पर लगने वाले कुल ब्याज और विलंब शुल्क का 100 प्रतिशत माफ किया जाएगा। ग्राहकों के पास मूल बकाया राशि का भुगतान एकमुश्त या किश्तों में करने की सुविधा है। जो ग्राहक इस योजना के प्रारंभ से 15 दिसंबर तक मूल बकाया राशि का एकमुश्त भुगतान करते हैं, उन्हें ‘अर्ली बर्ड रिबेट’ का लाभ दिया जाएगा। इस योजना के तहत, लघु दाब वाले घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को 3 साल तक बिजली कनेक्शन स्थायी रूप से बंद होने पर 10 प्रतिशत और 3 साल से अधिक समय के लिए कनेक्शन स्थायी रूप से बंद होने पर 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इसके अलावा, लघु दाब वाले घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को छोड़कर, अन्य सभी लघु दाब और उच्च दाब उपभोक्ताओं को क्रमश: 10 प्रतिशत और 15 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
लघु दाब वाले उपभोक्ता 50 प्रतिशत डाउन पेमेंट करने के बाद शेष राशि को 6 समान ब्याज-मुक्त मासिक किस्तों में चुका सकेंगे, जबकि उच्च दाब वाले उपभोक्ता बकाया राशि के आधार पर शेष राशि को 3 से 6 समान ब्याज-मुक्त किस्तों में चुका सकेंगे। साथ ही जिन ग्राहकों का स्वीकृत लोड 20 किलोवाट तक है, वे पुनः कनेक्शन के समय ‘प्रीपेड़ स्मार्ट मीटर’ का विकल्प चुनते हैं, तो मूल बकाया पर 5 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि इस योजना में भाग लेने वाले सभी ग्राहकों के लिए पुनः कनेक्शन शुल्क और लघु दाब वाले ग्राहकों के लिए सेवा कनेक्शन शुल्क पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा। 31 मार्च 2026 तक कृषि और सार्वजनिक नल जलापूर्ति योजनाओं को छोड़कर अन्य सभी घरेलू, वाणिज्यिक, औद्योगिक और अन्य स्थायी बिजली आपूर्ति बाधितों, जिनमें 1,835 उच्च दाब और 34 लाख 84 हजार 513 लघु दाब वाली लाइनें शामिल हैं, का कुल बकाया 7 हजार 650 करोड़ रुपये है। इसमें से 2 हजार 92 करोड़ रुपये का ब्याज और विलंब शुल्क माफ किया जाएगा। इसके अलावा, 31 दिसंबर 2025 तक अस्थायी बिजली आपूर्ति बाधित होने वाले 2 लाख 60 हजार 829 उपभोक्ताओं (इनमें 19 उच्च दाब उपभोक्ता और 2 लाख 60 हजार 810 लघु दाब उपभोक्ता शामिल हैं) पर कुल 488 करोड़ 78 लाख रुपये का बकाया है।














