विहिप ने जताई आपत्ति, सीबीआई और एनआईए जांच की मांग
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान की नासिक सेंट्रल जेल में कुख्यात गैंगस्टर अबू सलेम से मुलाकात पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने जांच की मांग की है। इस संबंध में विश्व हिंदू परिषद ने नागपुर जिला अधिकारी को ज्ञापन भी दिया है। विहिप ने संवैधानिक पद पर कार्यरत व्यक्ति की आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति से मुलाकात को गंभीर मामला मामला बताया है। साथ ही, प्यारे खान को पद से हटाने के साथ ही मामले की एनआईए और सीबीआई के माध्यम से जांच कराने की मांग की है। दूसरी ओर खान ने इन आरोपों से इनकार किया है। खान ने कहा कि जिस प्राधिकारी ने उन्हें महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग (एमएसएमसी) का अध्यक्ष नियुक्त किया है, अगर वह उनसे इस्तीफा देने को कहता है तो वह 30 सेकंड में इस्तीफा दे देंगे। सलेम वर्तमान में नासिक केंद्रीय कारागार में बंद है, जहां वह 1993 के मुंबई बम धमाकों और 1995 के हत्या के एक मामले में अपनी भूमिका के लिए मिली उम्रकैद की सजा काट रहा है। सलेम को उस समय झटका लगा था जब उच्चतम न्यायालय ने 10 सितंबर को उसकी हिरासत से रिहाई की याचिका खारिज कर दी थी। उसने पुर्तगाल से प्रत्यर्पण की शर्तों के तहत भारत में 25 साल जेल में रहने की अवधि पूरी होने का हवाला देते हुए रिहाई का अनुरोध किया था।
विश्व हिंदू परिषद के नागपुर के महामंत्री अमोल ठाकरे ने मंगलवार को आरोप लगाया कि खान ने पिछले सप्ताह नासिक जेल में सलेम से मुलाकात की थी और बाद में कहा था कि गैंगस्टर को रिहाई किया जाना चाहिए। विहिप के एक प्रतिनिधिमंडल ने एक दिन पहले नागपुर के जिला कलेक्टर से मुलाकात करके खान को पद से हटाने और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) तथा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की थी।
एक पत्र में विहिप ने लिखा, गत दिनों समाचार पत्रों के माध्यम से हमें ज्ञात हुआ है कि महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान, संवैधानिक दायित्व पर कार्यरत होने के बावजूद अपने शासकीय नासिक दौरे के दौरान नासिक जेल में जाकर 1993 के मुंबई बम धमाकों के दोषी व कुख्यात गैंगस्टर अबू सलेम से भेंट करते हैं और उसे मदद का आश्वासन देते हैं। पत्र में लिखा गया है, एक जिम्मेदार संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति की ओर से देश विरोधी गतिविधियों व बम धमाकों के गुनहगार से इस प्रकार मुलाकात करना अत्यंत अशोभनीय है। यह महाराष्ट्र शासन की छवि को धूमिल करने के साथ-साथ अपने पद व अधिकारों के खुले दुरुपयोग का प्रत्यक्ष प्रमाण है। इस संवेदनशील और गंभीर विषय को ध्यान में रखते हुए विश्व हिंदू परिषद की नागपुर महानगर इकाई केंद्र सरकार व महाराष्ट्र सरकार से जांच की मांग करती है। विहिप ने नागपुर जिला अधिकारियों को सौंपे अपने ज्ञापन में कहा, प्यारे खान को उनके पद से तत्काल प्रभाव से निष्कासित किया जाए और उनके स्थान पर अल्पसंख्यक समाज के किसी अन्य योग्य व्यक्ति को यह दायित्व सौंपा जाए। इस मुलाकात के वास्तविक कारणों, राष्ट्रहित से जुड़े पहलुओं और संभावित संलिप्तता की निष्पक्ष जांच के लिए पूरे प्रकरण की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) तथा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
30 सेकंड में दूंगा इस्तीफा : प्यारे खान
खान ने इस विवाद को लेकर बुधवार को पीटीआई से बातचीत में कहा कि आयोग केवल नासिक की जेल का नहीं बल्कि सभी जिलों की द दौरा करता है, और अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित कैदियों की समस्याएं सुनता है। खान ने कहा, यह आधिकारिक दौरा था। आयोग के सदस्यों को पहले से कैदियों की पहचान और यह जानकारी नहीं होती कि कौन कैदी किस जेल में बंद है। जेलर जिन कैदियों से मिलने का सुझाव देते हैं, आयोग उन्हीं से मुलाकात करता है। उन्होंने कहा कि यह दौरा नासिक जेल परिसर के अंदर हुआ और आयोग ने सभी अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित कैदियों से मुलाकात की। हमने मुंबई के आजाद मैदान पुलिस थाने के (क्षेत्रीय) डीसीपी से इस मामले में गलत बयान देने वाले व्यक्ति पर पता लगाने के लिए जांच करने को कहा है।
यह पूछे जाने पर कि क्या आयोग के दौरे के दौरान सलेम ने अपनी रिहाई की मांग की थी, खान ने कहा कि सलेम ने आयोग के एक सदस्य से कहा था कि उसने 25 साल पूरे कर लिए हैं और इसलिए उसे रिहा किया जाना चाहिए। खान ने कहा, हालांकि, हमने उसे बताया कि उसके मामले पर उच्चतम न्यायालय में विचार जारी है और आयोग उसकी कोई मदद नहीं कर सकता। विहिप द्वारा एनआईए और सीबीआई से उनकी जांच कराने की मांग के बारे में पूछे जाने पर खान ने कहा, जांच होने दीजिए और जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह विहिप हो या प्यारे खान। इस बीच, खान ने एक टेलीविजन चैनल से कहा कि उन्होंने कुछ समाचार चैनल को गलत खबरें प्रसारित करने के लिए मानहानि के नोटिस भेजे हैं। एमएसएमसी अध्यक्ष के पद से उन्हें हटाने की विहिप की मांग पर खान ने कहा कि नियुक्ति प्राधिकारी उनसे ऐसा करने को कहता है तो वह 30 सेकंड में इस्तीफा दे देंगे।












