लोकवाहिनी, संवाददाता:नागपुर। जिले में हीट वेव की चेतावनी के बीच पिछले तीन दिनों से अधिकतम तापमान में गिरावट का दौर जारी था जो नवतपा शुरू होने से पहले ख़त्म हो गया। 24 मई को नागपुर का अधिकतम तापमान 45.4 डिग्री दर्ज किया गया, वहीं न्यूनतम 29.4 रहा। न्यूनतम तापमान बढ़ने से दिन में गर्मी के साथ रात में गर्म हवा के थपेड़े लग रहे हैं। नवतपा के पहले विदर्भ में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई, साथ ही भीषण गर्मी का असर बरकरार रहा। तेज गर्म हवाओं और चिलचिलाती धूप ने लोगों को बेहाल कर दिया, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आया। नागरिकों को उमस और लू जैसे हालात का सामना करना पड़ा। वहीं ब्रहमपुरी एक बार फिर 47.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ विदर्भ का सबसे गर्म शहर रहा।
विदर्भ में भीषण गर्मी जारी है और शहर की तरह ग्रामीण इलाकों में भी इसका असर दिख रहा है। तापमान बढ़ने से ग्रामीण इलाकों की सड़कें भी सुनसान हैं। नागपुर में तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है और इसका असर अब शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी महसूस किया जा रहा है। तापमान बढ़ने से ग्रामीण इलाकों में दोपहर के समय कृषि कार्य में देरी हो रही है। इस बीच, आम जनता को बढ़ती गर्मी की मार झेलनी पड़ रही है। सुबह से ही तेज धूप ने लोगों को परेशान किया, जबकि दोपहर होते-होते गर्म हवाओं ने हालात और मुश्किल बना दिए। चिलचिलाती धूप के कारण बाजारों और सड़कों पर आवाजाही कम दिखाई दी। जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग सिर और चेहरे को कपड़ों से ढककर गर्मी से बचाव करते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में फिर बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे गर्मी का प्रकोप और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
नवतपा नहीं होगा तो बढ़ेंगे कीट-पतंगे
वर्ष 2026 में नवतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहेगा। इन नौ दिनों को धार्मिक दृष्टि से बेहद शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इस दौरान सूर्य उपासना, दान-पुण्य, मंत्र जाप और अच्छे कर्मों का फल कई गुना बढ़ जाता है। मान्यता है कि जो लोग इस समय श्रद्धा से सूर्य देव की पूजा करते हैं, उनके जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि बनी रहती है। नवतपा नहीं होगा तो हम सब भूखे मर जाएंगे और चूहे, कीट-पतंगे बढ़ने की संभावना है। ‘दौ मूसा, दौ कातरा, दौ टीडी, दौ ताप। दौ की बाजी जल हरै, दो विस्वर, दो वाय।’
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दौ मूसा: यदि नवतपा के पहले दो दिन लू और भीषण गर्मी न पड़े, तो चूहों की संख्या बहुत बढ़ जाती है।
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दौ कातरा: इसके बाद के दो दिन गर्मी न पड़े तो ‘कातरा’ (फसल को नष्ट करने वाला कीड़ा) नष्ट नहीं होते।
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दौ टीडी: अगर पांचवें और छठे दिन गर्मी ना हो तो टिड्डी और उसके अंडे नष्ट नहीं होते।
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दौ ताप: अगर सातवें और आठवें दिन तेज गर्मी ना हो तो फसलों को बीमारी लगाने वाले हानिकारक कीटाणु नष्ट नहीं होते।
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दौ विस्वर, दो वाय: अगर नौवे दिन तेज गर्मी ना हो तो सांप, बिच्छू जैसे विषैले जीव बढ़ने की कहावत सदियों से बताई जा रही है।









