सत्यमेव जयते फार्मर कप 2026 कृषि परिवर्तन का व्यापक जनआंदोलन : मुख्यमंत्री
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। सत्यमेव जयते फार्मर कप 2026 केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि महाराष्ट्र में कृषि परिवर्तन का व्यापक जनआंदोलन है। इस पहल से किसानों में जो आत्मविश्वास पैदा हुआ है, वही इसकी सबसे बड़ी सफलता है। आज के 18 हजार किसान समूह भविष्य में 50 लाख किसानों को एक साथ जोड़ेंगे, ऐसा विश्वास मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्त किया। मुख्यमंत्री फडणवीस वर्षा निवास पर पानी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित फार्मर कप 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे, राज्यमंत्री एड. आशीष जायसवाल, पानी फाउंडेशन के संस्थापक अभिनेता आमिर खान, अपर मुख्य सचिव विकास चंद्र रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्रीकर परदेशी, कृषि विभाग के सचिव परिमल सिंह, ग्राम विकास विभाग के सचिव चंद्रकांत पुलकुंडवार, कृषि आयुक्त सूरज मांढरे तथा कृषि निदेशक रफीक नाईकवाडी उपस्थित थे। राज्यभर के किसान भी ज़ूम लिंक के माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर स्मार्ट खेती ऐप का लोकार्पण किया गया। कृषि विभाग के सचिव परिमल सिंह ने बताया कि
■ मुख्यमंत्री ने विभिन्न बचत समूहों से किया संवाद
विभिन्न जिलों और तालुकों के किसान समूहों, कृषि विभाग और उमेद के मार्गदर्शकों के साथ मुख्यमंत्री ने सीधे संवाद किया। इस अवसर पर 16 महिला किसानों के एक साथ आकर 24 एकड़ खेती करने वाली चैत्राली ने अपनी पहचान कैसे बनाई, इसकी यात्रा प्रस्तुत की। नंदुरबार के सहायक कृषि अधिकारी अर्जुन पावरा ने दुर्गम क्षेत्रों में काम करते समय किसानों के साथ अपने अनुभव साझा किए। नाशिक के अन्नदाता किसान समूह ने बताया कि फार्मर कप के शुभारंभ के अवसर पर ही उन्होंने 5 लाख रुपये की बचत की थी।
जनभागीदारी से मिलेगा कृषि समृद्धि का मार्ग : कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे
कृषि मंत्री भरणे ने कहा कि यदि किसान मिलकर खेती करें और सामूहिक प्रयासों से कृषि की योजना बनाएं, तो उत्पादन के साथ-साथ उनकी आय भी निश्चित रूप से बढ़ सकती है। फार्मर कप पहल ने किसानों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया है। विशेष रूप से उन महिला समूहों की सराहना की जानी चाहिए जिन्होंने अपनी स्वयं की भूमि न होने के बावजूद एकजुट होकर खेती करने का निर्णय लिया। खेती से प्रत्येक व्यक्ति का भावनात्मक जुड़ाव और प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए यदि सामूहिक खेती का मार्ग अपनाया जाए, तो महाराष्ट्र कृषि क्षेत्र में से एक आदर्श स्थापित कर सकता है। प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने वाले किसानों के लिए राज्य सरकार विभिन्न सहायता उपायों को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है। किसानों के हित में ऋणमाफी, विभिन्न निर्णय, बिजली रियायतें तथा केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
26 अगस्त 2025 से राज्य के 46 तालुकों में चल रहे फार्मर कप के माध्यम से विभिन्न गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सत्यमेव जयते फार्मर कप 2026 के माध्यम से किसानों में जो आत्मविश्वास पैदा हुआ है, वही भविष्य के कृषि परिवर्तन की नींव बनेगा। फार्मर कप के 18 हजार किसान समूह महाराष्ट्र की कृषि क्रांति के शिल्पकार बनेंगे और उनके अनुभवों से लाखों किसान प्रेरणा लेंगे। विधानसभा में महिला किसान विधेयक पारित किया जाएगा। जिन महिलाओं का नाम खेती की भूमि के स्वामित्व में दर्ज नहीं है, उन्हें भी आधिकारिक किसान के रूप में मान्यता दी जाएगी। पिछले वर्ष फार्मर कप में भाग लेने वाले समूहों में सोयाबीन, कपास और मक्का की उपज में औसतन 71 प्रतिशत वृद्धि हुई। सामूहिक खरीद के कारण कृषि आदानों पर 1,584 करोड़ रुपये की बचत हुई, जबकि सामूहिक श्रम के कारण प्रति एकड़ लगभग 6 हजार रुपये की मजदूरी की बचत हुई। उन्होंने कहा कि सामूहिक खेती से उत्पादन लागत कम होती है और
किसानों की आय बढ़ाने में बड़ी सहायता मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करने वाला देश का पहला राज्य बन रहा है। महाविस्तार ऐप और फार्मर कप की जानकारी को एकीकृत कर किसानों को अधिक प्रभावी मार्गदर्शन दिया जाएगा। फार्मर कप से प्राप्त अनुभवों के आधार पर राज्य की कृषि नीतियों में भी आवश्यक परिवर्तन किए जाएंगे। यदि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का समेकित नियोजन (कन्वर्जेंस) किया जाए, तो सामूहिक खेती और अधिक सशक्त होगी। इस वर्ष एल नीनो के कारण वर्षा कम होने की संभावना को देखते हुए किसानों को जल संरक्षण संरचनाओं की तत्काल मरम्मत, गाद
निकालने और जल भंडारण बढ़ाने के कार्य शुरू करने चाहिए। उन्होंने कहा कि जलयुक्त शिवार जैसी पहलों ने पहले सूखे की परिस्थितियों में बड़ी राहत प्रदान की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे फार्मर कप में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसान समूहों के गांवों की स्वयं दौरा करेंगे। कृषि का विकास राज्य के सामने सबसे बड़ी चुनौती है, लेकिन यदि राज्य सरकार, पानी फाउंडेशन, कृषि विभाग और किसान मिलकर काम करें, तो अगले पांच से सात वर्षों में महाराष्ट्र के कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रत्येक सहभागी किसान पहले से ही विजेता है और यह आंदोलन राज्य में कृषि समृद्धि का नया अध्याय बनेगा।












