नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना साकार करने के लिए ‘हम करके रहेंगे’ का नारा देते हुए बुधवार को कहा कि यह लक्ष्य दूरदर्शी नीतियों एवं कड़ी मेहनत से हासिल किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने चुनावों के दौरान जाति के आधार पर समाज को बांटे जाने को देश के सामने मौजूद बड़ी चुनौतियों में से एक बताया। मोदी ने निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर उनके 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ को संबोधित करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया और कहा कि जो बातें कभी अकल्पनीय लगती थीं, ये अब संभव हो गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 2026 में आज हम विकसित भारत का जो सपना देख रहे हैं, वह निश्चित रूप से पूरा होगा। भारत के रुकने का अब कोई कारण नहीं है। सौ साल पहले हमारी आबादी 40 करोड़ से भी कम थी और आज हम 140 करोड़ से अधिक हैं।
ये 140 करोड़ नागरिक मिलकर 2047 तक विकसित भारत बनाएंगे और हम निश्चित रूप से ऐसा करके रहेंगे। हम करके रहेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने हालांकि आगाह किया कि वोट बैंक के फायदे के लिए समाज को बांटना देश के सामने मौजूद सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। उन्होंने कहा, जब विपरीत परिस्थितियां किसी जाति या समुदाय में भेद नहीं करतीं। उन्होंने कहा, जब किसी किसान के खेत में पानी नहीं होता तो क्या यह समस्या केवल एक जाति को प्रभावित करती है? जब बिजली नहीं होती तो क्या अंधेरा केवल एक समुदाय के यहां होता है? इसका जवाब है-नहीं। अगर समस्या सबकी है तो समाधान भी सबके लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसने सोचा होगा कि एक दशक के भीतर 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकल सकते हैं लेकिन भारत ने यह करके दिखाया। प्रधानमंत्री ने कहा, इसीलिए मुझे 140 करोड़ भारतीयों की शक्ति और उनके सामर्थ्य पर विश्वास है। मैं 25 वर्ष के अनुभव के बाद विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि हम अपनी आंखों के सामने भारत का कायाकल्प होते देख रहे हैं।
मोदी ने कहा, 2047 तक विकसित भारत बनना- हम करके रहेंगे। दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होना- हम करके रहेंगे। आत्मनिर्भर बनना- हम करके रहेंगे। वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनना- हम करके रहेंगे। ओलंपिक की मेजबानी करना- हम करके रहेंगे। अंतरिक्ष में कदम बढ़ाना- हम करके रहेंगे। यह ऊर्जा, यह उत्साह और यह आत्मविश्वास असाधारण है। ‘फ्लाईदुबई’ के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि सह-पायलट द्वारा चाकू मारे जाने के कारण घायल होने के बावजूद उन्होंने इजराइल जा रहे विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश नाकाम कर दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया भारतीय पायलट की चर्चा कर रही है और वह दिन भी आएगा जब दुनिया भारत में बने विमानों की चर्चा करेगी। उन्होंने कहा, ये लक्ष्य दूरदर्शी नीतियों और अथक परिश्रम से हासिल किए जाएंगे।















