डोनाल्ड दोनों सदनों में हारे, डेमोक्रेटिक पार्टी को बहुमत
वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका के 2026 के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट में बहुमत हासिल करने के लिए जरूरी सीटों का आंकड़ा पार कर लिया है। पार्टी ने चुनाव में रिपब्लिकन के कब्जे वाली कम से कम छह सीटों पर जीत दर्ज की। एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, डेमोक्रेट्स ने प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी बहुमत हासिल कर लिया है। इस तरह अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों का नियंत्रण डेमोक्रेटिक पार्टी के हाथों में चला गया है। सीनेट चुनाव में डेमोक्रेट्स ने नॉर्थ कैरोलिना, साउथ कैरोलिना, ओहायो, कंसास, टेक्सस और आयोवा में रिपब्लिकन उम्मीदवारों को हराकर सीटें अपने नाम कीं। इन राज्यों में लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी का दबदबा रहा है।
कंसास में पादरी एडम amilton ने रिपब्लिकन उम्मीदवार रोजर मार्शल को हराया। राज्य में करीब 94 साल बाद डेमोक्रेटिक पार्टी का कोई उम्मीदवार सीनेट सीट जीतने में सफल रहा। टेक्सस में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टालारिको ने रिपब्लिकन केन पैक्सटन को हराकर सीनेट सीट पर कब्जा जमाया। वहीं, गवर्नर चुनाव में जीना हिनोजोसा ने मौजूदा रिपब्लिकन गवर्नर ग्रेग एबॉट को पराजित किया।
महंगाई और ईरान युद्ध बने चुनावी मुद्दे
चुनाव में बढ़ती महंगाई, जीवन-यापन का खर्च, राष्ट्रपति ट्रंप की गिरती लोकप्रियता और ईरान युद्ध जैसे मुद्दों का असर देखने को मिला। डेमोक्रेट्स की जीत के बाद ट्रंप प्रशासन के लिए विधायी फैसले पारित कराना मुश्किल हो सकता है। कांग्रेस की समितियों के जरिए सुनवाई कराने, समन जारी करने और जांच करने की शक्तियां भी अब विपक्ष के हाथ में होंगी। हालांकि, राष्ट्रपति के पास वीटो का अधिकार बना रहेगा। इसके अलावा सीनेट में फिलिबस्टर जैसी प्रक्रिया भी विधायी कामकाज को प्रभावित कर सकती है।
हिनोजोसा राज्य की पहली लैटिनो गवर्नर बनी हैं। टेक्सस में 1990 के दशक के बाद पहली बार डेमोक्रेटिक पार्टी का उम्मीदवार गवर्नर पद तक पहुंचा है।
















