मुंबई। तुकाराम मुंढे के महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त बनने के बाद से राज्य में एफडीए की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक कई जगहों पर छापेमारी की गई है। मिलावटी सामान पकड़ा गया है और ऐसा सामान बेचने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। इस बीच, दिवाली का त्योहार अब कुछ ही दिनों दूर है। इसी पृष्ठभूमि में आज एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस की। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस बांद्रा स्थित एफडीए कार्यालय में आयोजित की गई। तुकाराम मुंढे ने कहा कि लोगों तक अच्छा और शुद्ध खाद्य पदार्थ पहुंचे, यह सुनिश्चित करने के लिए विभाग की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। त्योहारों को ध्यान में रखते हुए भी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि त्योहारों के मौसम में मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दिवाली नजदीक आने के कारण मसालों से संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया है। अब तक 1,057 मसाला प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई कर जांच की गई है। इनमें से 94 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इसके अलावा, 11,963 क्विंटल मसाले और मसालों से बने उत्पाद जप्त किए गए हैं, जिनकी कीमत 19.69 करोड़ रुपये बताई गई है। वहीं, 557 लोगों को सुधार संबंधी नोटिस जारी किए गए हैं।
मुंढे ने कहा कि मसालों का इस्तेमाल रोजाना किया जाता है और दिवाली के फराल (त्योहारों पर बनने वाले नमकीन व अन्य व्यंजन) में भी इनका उपयोग होता है। इसलिए गोदामों और कारखानानों में कार्रवाई की गई है। उन्होंने आगे कहा कि अब खुदरा दुकानदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी और अन्य कारोबारियों की भी जांच की जाएगी। खाद्य तेल के संबंध में भी जल्द जानकारी दी जाएगी। दिवाली नजदीक आने के साथ ही कार्रवाई की गति और तेज की जाएगी। फराल, मिठाई, चकली, चिवड़ा और अन्य खाद्य पदार्थों की जांच की जाएगी। दिवाली समाप्त होने तक यह अभियान जारी रहेगा। तुकाराम मुंढे ने कहा कि त्योहारों के दौरान बीमारियों के मामले बढ़ जाते हैं। इसकी एक वजह एक्सपायरी डेट निकल चुके खाद्य पदार्थ और घटिया गुणवत्ता वाले उत्पाद भी होते हैं। मुंढे की इस चेतावनी के बाद मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वाले कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ने की संभावना है।












