नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की लंबे समय तक कप्तान रहीं हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को तीनों प्रारूपों की कप्तानी छोड़ने का फैसला करते हुए कहा कि बतौर कप्तान उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभाई है और अब वह ‘एक बार फिर खेल के प्रति अपने प्यार और जुनुन के लिए मैदान पर उतरने के लिए तैयार है।’
हरमनप्रीत का यह फैसला गुवाहाटी में बीसीसीआई की समीक्षा बैठक के बाद आया। बैठक में पिछले कुछ महीनों में टीम के प्रदर्शन और उसके भविष्य की दिशा पर चर्चा की गई।
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में हरमनप्रीत के अलावा उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार भी मौजूद थे। संतोष वर्षीय हरमनप्रीत ने करीब एक दशक तक भारतीय टी20 टीम की कप्तानी की। उन्होंने 2016 में यह जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद 2022 में उन्हें वनडे टीम की कप्तानी सौंपी गई और 2023 में वह तीनों प्रारूपों की कप्तान बन गईं।
हरमनप्रीत ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा, “आज मैं भारतीय महिला क्रिकेट टीम के तीनों प्रारूपों की कप्तानी से हट रही हूं।” उन्होंने अपने विस्तृत बयान में कहा, “यह फैसला मेरे लिए आसान नहीं है। इसमें वर्षों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे पल जुड़े हैं, जो जीवन भर मेरे साथ रहेंगे।” उन्होंने कहा, “अब मैं एक बार फिर खेल के आनंद को महसूस करने के लिए तैयार हूं। कप्तानी का अध्याय खत्म हुआ है, लेकिन सफर जारी है।”
हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने पिछले साल नवंबर में पहली बार वनडे विश्व कप जीता था। हाल ही में उनकी अगुआई में भारतीय टीम ने टी20 प्रारूप में लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक भी हासिल किया। कप्तानी छोड़ने के फैसले पर हरमनप्रीत ने कहा कि वह “भावनाओं से भरे दिल, लेकिन मन में पूरी शांति के साथ” इस जिम्मेदारी से विदा ले रही हैं। उन्होंने कहा, “मुझे दिल से विश्वास है कि मेरी टीम इस समय एक अच्छी स्थिति में है।”














