नीट पेपर लीक मामला : शहर में शाखा सील करने की मांग
लोकवाहिनी संवाददाता
अकोला। देशभर में सुर्खियों में बने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले के तार अब महाराष्ट्र के अकोला तक पहुंच गए हैं। इस मामले को लेकर शहर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। अकोला के चर्चित आरसीसी (रेणुकाई कोचिंग क्लासेज) के खिलाफ विभिन्न संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है, जबकि एक शिक्षक को पुलिस के हवाले किए जाने से इलाके में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई द्वारा आरसीसी के संचालक शिवराज मोटेगांवकर से पूछताछ के बाद अकोला में विरोध का माहौल बन गया है। वंचित बहुजन आघाड़ी और सम्यक विद्यार्थी आंदोलन के कार्यकर्ताओं ने तोष्णीवाल लेआउट स्थित आरसीसी शाखा पर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित शिक्षक को अपने कब्जे में लेकर सीधे सिविल लाइन पुलिस थाने पहुंचा दिया। आंदोलनकारियों ने आरसीसी की अकोला शाखा को तत्काल सील करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि संस्थान के लाइसेंस, आर्थिक लेन-देन और संचालकों के संबंधों की गहन जांच की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जांच पूरी होने तक शाखा का शैक्षिक कार्य बंद रखा जाए, ताकि किसी भी प्रकार के सबूतों से छेड़छाड़ न हो सके। इस आंदोलन का नेतृत्व सम्यक विद्यार्थी आंदोलन के जिला अध्यक्ष धीरज इंगले ने किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामले से विद्यार्थियों और अभिभावकों का विश्वास प्रभावित हुआ है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।
अभिभावकों में बढ़ा आक्रोश
इससे पहले मनसे विद्यार्थी आघाड़ी, संभाजी ब्रिगेड और सम्राट अशोक सेना सहित कई संगठनों ने भी आरसीसी क्लासेस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। हालांकि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से अभिभावकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि लाखों रुपये की फीस भरने के बावजूद यदि ऐसे गंभीर आरोप सामने आते हैं तो छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि कोचिंग संस्थान किसी अन्य नाम या गुप्त तरीके से अपना संचालन जारी न रख सके, इसके लिए कड़े कदम उठाए जाएं। वंचित बहुजन आघाड़ी के प्रदेश महासचिव राजेंद्र पाटोड़े और महिला आघाड़ी की प्रदेश महासचिव अरुंधती शिरसाट के मार्गदर्शन में हुए इस आंदोलन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। फिलहाल सिविल लाइन पुलिस मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है और जांच से सामने आने वाले तथ्यों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।











