राज्यसभा चुनाव : कांग्रेस बोली- फैसले के खिलाफ कोर्ट जाएंगे, विधायकों को लेकर बेंगलुरु जा रहा विमान रनवे से लौटा
लोकवाहिनी, संवाददाता
भोपाल। मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज कर दिया गया है। भाजपा की आपत्ति पर मंगलवार को रिटर्निंग ऑफिसर ने यह फैसला लिया है। भाजपा का आरोप था कि मीनाक्षी ने तेलंगाना की हैदराबाद कोर्ट में लंबित एक मामले की जानकारी नामांकन पत्र में छिपाई है। पर्यवेक्षक ने कारण बताओ नोटिस जारी कर मंगलवार शाम तक जवाब मांगा था। इधर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि मीनाक्षी के खिलाफ कोई आपराधिक प्रकरण नहीं है। उन्हें कोर्ट से केवल एक नोटिस मिला था। नामांकन रद्द होने के फैसले के खिलाफ हम अदालत जाएंगे। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन रद्द होने पर भाजपा में जश्न का माहौल है। वी.डी. शर्मा, कैलाश विजयवर्गीय, भगवानदास सबनानी, रोहित कोठारी समेत तमाम बड़े नेता भाजपा दफ्तर में लड्डू खिलाकर एक-दूसरे को जीत की बधाई दे रहे हैं। नामांकन की जांच के दौरान विधानसभा परिसर में दोनों दलों के नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामे की स्थिति भी बनी रही। नारेबाजी और शोर-शराबे के बीच कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे और विक्रांत भुरिया ने रिटर्निंग ऑफिसर के कमरे में घुसने की कोशिश की, जिसे पुलिस और विधानसभा के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया।
चुनाव आयोग के दफ्तर पर कांग्रेस का धरना
चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर मंगलवार की शाम को उस समय बड़ा हंगामा हो गया, जब मध्य प्रदेश की कांग्रेस से राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो गया। इसके बाद सुरक्षा जवानों के साथ कांग्रेस के सीनियर नेता भिड़ गए और धरने पर बैठ गए। कांग्रेस कम्युनिकेशन इंचार्ज जयराम रमेश और सुरक्षा कर्मियों के बीच तीखी बहस छिड़ गई। बताया जा रहा है कि जयराम रमेश के अंदर जाने से रोक दिया गया, क्योंकि उनके पास बैठक से संबंधित कोई आधिकारिक सूचना या अनुमति संदेश नहीं था। आयोग के दफ्तर पर कांग्रेस नेताओं का जमावड़ा लग गया। जयराम रमेश के साथ केसी वेणुगोपाल, भूपेश बघेल, सचिन पायलट समेत अन्य नेता भी वहां पहुंचे। इसके बाद निर्वाचन सदन के गेट पर ही कांग्रेस नेता और सुरक्षा जवानों के बीच काफी देर तक बहस होती रही, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
विमान को उड़ान की परमिशन नहीं मिली
इससे पहले कांग्रेस ने बाड़ाबंदी करते हुए पार्टी विधायकों को बेंगलुरु भेजने का फैसला लिया था। स्टार एयरलाइंस की चार्टर्ड फ्लाइट दोपहर करीब ढाई बजे भोपाल एयरपोर्ट पर पहुंची। लेकिन एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कांग्रेस विधायकों के विमान को उड़ने की परमिशन देने से मना कर दिया था। उनका कहना था कि फ्लाइट को उड़ने की अनुमति नहीं है। इस पर पार्टी के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने कहा था- सरकार के इशारे पर हमारे विमान को बेवजह रोका जा रहा है। एयरपोर्ट अथॉरिटी पर मोहन सरकार का दबाव है। उनका कहना है कि आपकी ये फ्लाइट विदेश जा सकती है लेकिन देश के अंदर उड़ान नहीं भर सकती। कितनी मूर्खतापूर्ण बात है कि जो फ्लाइट दिल्ली से भोपाल आ सकती है, वो बेंगलुरु नहीं जा सकती। करीब दो घंटे की जद्दोजहद के बाद कांग्रेस की चार्टर्ड फ्लाइट को उड़ान के लिए परमिशन मिली। शाम करीब साढ़े 6 बजे विमान ने बेंगलुरु के लिए उड़ान भरी। इसमें 38 विधायकों के साथ 75 लोग थे, लेकिन यह रनवे से ही लौट आया।
सबके बीच कांग्रेस अपने विधायकों को बेंगलुरु शिफ्ट कर रही थी। लेकिन मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने की जानकारी मिलते ही कांग्रेस विधायकों को लेकर जा रहा विमान रनवे से लौट आया। राज्यसभा की तीन सीटों पर प्रत्येक उम्मीदवार को जीत के लिए 58 वोटों की जरूरत है। इस हिसाब से दो सीटें जीतने के लिए भाजपा को 116 वोट की जरूरत है। कुल 164 में से 116 वोट देने के बाद भाजपा के पास 48 वोट बचेंगे। तीसरी सीट जीतने के लिए उसे 58 वोट चाहिए यानी भाजपा को 10 अतिरिक्त मतों की जरूरत है। निर्मला सप्रे और भारत आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश डोडियार के मत अगर भाजपा को मिले उसकी संख्या 50 तक पहुंच सकती है। इसके बावजूद जीत के लिए उसे कम से कम आठ और मतों की आवश्यकता होगी। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा इसकी पूर्ति कांग्रेस खेमे में सेंध लगाकर करने का प्रयास कर रही है। सप्रे का रुख और मल्होत्रा के मतदान पर लगी रोक की वजह से कांग्रेस का प्रभावी आंकड़ा 62 पर सिमट सकता है। हालांकि, चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस के पास आवश्यक संख्या से चार वोट अधिक है। उल्लेखनीय है कि साल 2020 में भाजपा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ 22 विधायकों को अपने खेमे में लाकर कमलनाथ के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार को गिरा दिया था। सिंधिया वर्तमान में केंद्र सरकार में मंत्री हैं। मध्यप्रदेश की राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा। सोमवार को नामांकन का आखिरी दिन था।












