मध्य नागपुर में सामाजिक एकता का एक नया मॉडल
नागपुर। यातायात जाम, पुलिस पर दबाव और नागरिकों की असुविधा को कम करने के लिए, मध्य नागपुर के प्रमुख गणेशोत्सव मंडलों ने सामाजिक जागरूकता को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक कदम उठाया है। शनिवार, 26 सितंबर को मध्य नागपुर में पहली बार सामूहिक महा विसर्जन शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा। यह नया कदम एकीकृत शोभायात्रा, अनुशासित विसर्जन और परिवहन व्यवस्था के सहयोग की अवधारणा के साथ उठाया जा रहा है।
विभिन्न दिनों में शोभायात्रा के कारण शहर में होने वाली लगातार भीड़भाड़ को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया। मुंबई-पुणे की तर्ज पर नागपुर में एक अनुशासित परंपरा शुरू करने की पहल चार प्रमुख मंडलों ने की है। श्री शांति गणेशोत्सव व संस्कृत मंडल (शांतिचा गणपति), श्री दक्षिणामूर्ति स्वयंसेवक गणेशोत्सव मंडल, महल, श्री पातालेश्वर गणेशोत्सव व संस्कृत मंडल (महलचा राजा) और भारत क्रीड़ा मंडल, मन्नत पूर्ति गणेश सांस्कृतिक ट्रस्ट इसमें शामिल हैं।
अनुशासन बनाए रखने की जिम्मेदारी 400 स्वयंसेवकों पर
शोभायात्रा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए कुल 400 स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे, जिनमें से प्रत्येक मंडल से लगभग 100 स्वयंसेवक होंगे। ये स्वयंसेवक सड़कों पर भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात पुलिस की सहायता करने और नागरिकों को असुविधा से बचाने के लिए कार्यरत रहेंगे। शनिवार को शुरू होने वाली यह विशाल शोभायात्रा बड़कस चौक से शुरू होकर कोतवाली चौक, नरसिंह टॉकीज और शिवाजी महाराज चौक होते हुए चिटनिस पार्क चौक तक जाएगी। चूंकि यह समारोह एक ही दिन आयोजित किया जा रहा है, इसलिए श्रद्धालु एक ही मार्ग पर सभी प्रिय बप्पाओं के दर्शन कर सकेंगे। इस पहल के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि गणेश चतुर्थी केवल एक धार्मिक समारोह नहीं बल्कि सामाजिक भाईचारे और संस्कृति का संगम है। आयोजन संस्थाओं ने नागपुर जिले के अन्य बोर्डों से इस नवोन्मेषी पहल का अनुसरण करने और इस अनुशासित विसर्जन अभियान में भाग लेने तथा नागपुरवासियों से सहयोग करने की अपील की है।











