लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने बुधवार को विदर्भ क्षेत्र के सभी प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों को 30 जून से खोलने का आदेश दिया। न्यायालय ने कहा कि युवा विद्यार्थियों का स्वास्थ्य सर्वोपरि है। यह आदेश राज्य के शिक्षा निदेशालय के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
असहनीय गर्मी और उमस के बावजूद शिक्षा निदेशालय ने विदर्भ में स्कूलों को पहले 15 जून और फिर 22 जून से खोलने का निर्णय लिया था। न्यायालय के आदेश से स्पष्ट हो गया कि उक्त निर्णय छात्रों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ था।
महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक समिति के प्रदेश अध्यक्ष विजय कोंबे और जिला अध्यक्ष लीलाधर ठाकरे ने शिक्षा निदेशालय के विवादास्पद निर्णयों के विरोध में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। न्यायमूर्ति अनिल किलोर और राजेश पाटिल वाकोड़े ने विभिन्न तथ्यों पर विचार करने के बाद याचिका स्वीकार कर ली और 20 अप्रैल 2023 के सरकारी निर्णय के अनुसार स्कूलों को 30 जून से खोलने का आदेश दिया।
विदर्भ में पिछले शैक्षणिक वर्ष तक इसी सरकारी निर्णय का पालन किया जाता रहा था। हालांकि, इस वर्ष शिक्षा निदेशालय ने पूर्व के सभी निर्णयों को नजरअंदाज करते हुए 28 मार्च 2026 को एक परिपत्र जारी कर विदर्भ सहित राज्य के सभी स्कूलों को 15 जून से खोलने का आदेश दिया था। इसके बाद, जब यह याचिका लंबित थी, 9 जून को एक नया परिपत्र जारी किया गया, जिसमें घोषणा की गई कि केवल विदर्भ के स्कूल 22 जून से खुलेंगे। न्यायालय ने इन दोनों परिपत्रों को अमान्य घोषित करते हुए रद्द कर दिया।











