दावा: केंद्र ने नीट से पहले रोक को बताया उचित, अदालत ने फैसला सुरक्षित किया
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय में सोशल मीडिया ऐप टेलीग्राम पर लगाई गई अस्थायी रोक के खिलाफ दाखिल याचिका पर बृहस्पतिवार को हुई सुनवाई के दौरान केंद्र ने इस फैसले का बचाव किया। केंद्र सरकार ने 21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर लगाई गई रोक का बचाव करते हुए दलील दी कि यह मैसेजिंग एप्लीकेशन बॉट इंफ्रास्ट्रक्चर (निर्माण-संचालन और स्थानांतरण) की सुविधा देता है, जिसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर जानकारी प्रसारित करने के लिए किया जा सकता है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित लिया। साथ ही कहा कि अगर किसी पक्ष को कोई बात रखनी है तो वह शाम 7 बजे तक जमा कर सकता है। सरकार ने दावा है कि टेलीग्राम का इस्तेमाल साइबर क्राइम, एग्जाम पेपर लीक, चाइल्ड पोर्नोग्राफी, आतंकवाद से जुड़े प्रचार और वित्तीय धोखाधड़ी के लिए किया जा रहा है।
दिल्ली हाईकोर्ट में दिए हलफनामे में केंद्र ने बताया कि टेलीग्राम की गोपनीयता और गुमनामी बनाए रखने वाली विशेषताओं ने इसे अपराधियों का पसंदीदा नेटवर्क बना दिया है। चिकित्सा के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए तीन मई को राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) कराई गई थी जिसे प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बीच 12 मई को रद्द कर दिया गया था। न्यायमूर्ति तेजस करिया की अवकाश कालीन पीठ दोबारा नीट-यूजी कराए जाने से पहले टेलीग्राम ऐप तक पहुंच सीमित करने के फैसले के खिलाफ इसकी संचालक कंपनी द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई की। टेलीग्राम का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता ध्रुव मेहता ने रखा जबकि केंद्र की ओर से अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलीलें पेश कीं।
न्यायमूर्ति ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया और शाम सात बजे तक लिखित दलीलें जमा करने को कहा। इससे पहले केंद्र की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि एक टेलीग्राम अकाउंट से 40 तक बॉट बनाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, बॉट्स मशीनें हैं, वे अपनी संख्या और बढ़ा सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, टेलीग्राम बॉट इंफ्रास्ट्रक्चर दे सकता है जो बड़े पैमाने पर जानकारी प्रसारित कर सकता है। यह सुविधा अनोखी है क्योंकि यह कम से कम मानवीय निगरानी के साथ जटिल नेटवर्क बनाने की सुविधा देता है।












