‘नीट’ परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और छात्रों को न्याय दिलाने की उठी मांग
लोकवाहिनी संवाददाता
गढ़चिरोली। वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा दिल्ली में चलाए जा रहे आंदोलन के समर्थन में रविवार को गढ़चिरोली में ‘निर्माण’ संगठन के बैनर तले विद्यार्थियों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। शहर के प्रमुख मार्गों से निकाले गए अनुशासित मार्च में ‘निर्माण’ संगठन से जुड़े लगभग 70 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने ‘नीट’ परीक्षा में कथित अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन में शामिल छात्रों के हाथों में ‘आवाज दबाने से सत्य नहीं रुकता’, ‘प्रश्न पूछना लोकतंत्र का अधिकार है’, ‘ईमानदार विद्यार्थियों को न्याय दो’ तथा ‘सोनम वांगचुक का समर्थन करें’ जैसे संदेश लिखी तख्तियां थीं। इस दौरान ‘आवाज उठेगी, बदलाव आएगा’ जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा। विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और व्यापक जांच कराने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग करने तथा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करने की मांग की। यह आंदोलन ‘निर्माण’ आंदोलन के प्रमुख अमृत बंग के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। प्रदर्शन में शामिल विद्यार्थियों ने कहा अपनी आवाज बुलंद करना और समर्थन देना ही इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है।
जन आक्रोश आंदोलन को विश्वनाथ सानप का खुला समर्थन
रिसोड (वाशिम)। प्रसिद्ध शिक्षाविद और पर्यावरण विशेषज्ञ सोनम वांगचुक तथा अभिजीत दीपके के नेतृत्व में चल रहे जन आक्रोश आंदोलन को अब राजनीतिक और शैक्षणिक क्षेत्र से भी बढ़ता समर्थन मिल रहा है। ‘संविधाननिष्ठ विश्वा इंटरनेशनल स्कूल’ के संस्थापक अध्यक्ष और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के नेता विश्वनाथ सानप ने इस आंदोलन को अपना खुला समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्था को दूर करना और संविधान द्वारा दिए गए शैक्षणिक अधिकारों को आम विद्यार्थियों तक पहुंचाना आवश्यक है। सानप ने ‘नीट’ प्रश्नपत्र लीक मामले की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि जब सरकार के खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, ऐसे समय में यह आंदोलन लोकतंत्र की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कदम है। सानप ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार को आंदोलनकारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए, लेकिन सरकार इस आंदोलन की अनदेखी कर रही है। विद्यार्थियों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आयोजित जन आक्रोश रैली को उन्होंने अपने समर्थकों के साथ खुला समर्थन देने की घोषणा की।











