लाठीचार्ज से बच्चों की आवाज दबा रही सरकार : खड़गे
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत भरपूर हंगामे के साथ हुई। राम मंदिर चढ़ावा चोरी और नीट-यूजी पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी पहले से किए बैठे विपक्षी दलों ने लगातार हंगामा और नारेबाजी की। चूंकि, बाहर सड़क पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन ने भी माहौल को गर्म कर दिया था, इसलिए सरकार ने भी जबरन सदन चलाने और विधायी कार्य निपटाने का कोई इरादा नहीं दिखाया। लोकसभा और राज्यसभा को छह बार स्थगित करना पड़ा।
संसद किसी की जागीर नहीं : विपक्ष
विपक्षी नेताओं ने राजधानी में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने को लेकर सोमवार को सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार को अहंकार छोड़कर उनसे बात करनी चाहिए तथा संसद में भी नीट पेपर लीक के मामले पर चर्चा करनी चाहिए। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि संसद देश के बच्चों की है और किसी की जागीर नहीं है। संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, ये देश के बच्चे हैं, देश के भविष्य हैं। यह संसद उनकी है, किसी की जागीर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े मुद्दों पर चर्चा से भाग रही है और छात्रों पर आंसू गैस के गोले दागे जा रहे हैं तथा उनकी पिटाई की जा रही है।प्रियंका गांधी ने कहा, कई समस्याएं, बड़े-बड़े मुद्दे हैं, उन पर चर्चा के लिए (सरकार) राजी नहीं है। बच्चों पर आंसू गैस के गोले दाग रहे हैं और उनकी पिटाई कर रहे हैं। किस लिए? ये बच्चे हैं हमारे। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लंबे समय से शिक्षा से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं।











