नागपुर। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को एक महीना बीत जाने के बावजूद नागपुर नगर निगम के स्कूलों की समस्या अभी भी बनी हुई है। 150 शिक्षकों के पद खाली होने से नगर निगम की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह ठप्प हो गई है। सोमवार को नगर निगम मुख्यालय में यही स्थिति देखने को मिली। एकात्मा नगर स्कूल में छात्रों को पढ़ाने के लिए शिक्षक न होने के कारण नाराज छात्र स्कूल बैग और यूनिफॉर्म पहनकर सीधे नगर निगम मुख्यालय पहुंच गए। कांग्रेस के शहर अध्यक्ष प्रफुल गुडधे पाटिल के नेतृत्व में छात्रों ने नगर आयुक्त कार्यालय के सामने धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। नगर निगम के एकात्मा नगर स्कूल में पहली से आठवीं कक्षा तक कुल 11 क्लास हैं। हालांकि, इन 11 क्लासों को पढ़ाने के लिए केवल 3 शिक्षकों को ही मान्यता प्राप्त है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन तीन शिक्षकों में से एक वर्तमान में मतदाता सूची बनाने के काम में व्यस्त है। इसलिए, नगर निगम प्रशासन को शेष दो शिक्षकों के साथ ही 11 क्लासों का संचालन करने की असंभव और हास्यास्पद चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। यहां क्लासें हैं, छात्र हैं, लेकिन भविष्य का निर्माण करने के लिए शिक्षक नहीं हैं।
नगर निगम स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होने से नाराज विद्यार्थियों ने नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर आयुक्त डॉ. इटनकर के केबिन में उनका घेराव किया। छात्रों की मांग थी कि शिक्षकों को सर्वे कार्य से राहत देकर नियमित पढ़ाई शुरू कराई जाए। दरअसल, पूरे महाराष्ट्र में इन दिनों एसआईआर से जुड़ा कार्य तेजी से चल रहा है, जिसके तहत नागरिकों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, वर्ष 2003 से जुड़े मतदाता संबंधी दस्तावेज व अन्य अभिलेखों का सत्यापन और संकलन किया जा रहा है। इस काम को समयबद्ध पूरा करने के लिए नगर निगम स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। जानकारी के अनुसार, हर शिक्षक को करीब 1200 फॉर्म भरने और उनका सत्यापन करने की जिम्मेदारी दी गई है। इतने बड़े कार्यभार से शिक्षक दबाव में हैं और नियमित शैक्षणिक कार्य के साथ यह जिम्मेदारी निभाना मुश्किल हो रहा है। नतीजतन, शिक्षक दिनभर सर्वे में व्यस्त रहते हैं और स्कूलों में नियमित कक्षाएं नहीं लग पा रहीं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रफुल गुडधे और पार्षद एड. शैलेंद्र डोरले भी आंदोलन में शामिल हुए और छात्रों को अपना समर्थन दिया। उन्होंने नगर निगम प्रशासन की इस विफलता की आलोचना की कि उसने नगर निगम स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की और छात्रों के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अधिकार की रक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की। आयुक्त डॉ. इटनकर ने छात्रों और प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि नगर निगम इस समस्या से पूरी तरह अवगत है।












