पेपर लीक संशोधन बिल को मोदी कैबिनेट की मंजूरी : प्रदर्शनों के बीच मोदी सरकार का फैसला
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक के प्रदर्शन के बीच कैबिनेट बैठक ने पेपर लीक संशोधन बिल को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट बैठक में पब्लिक एगाजिमिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 को और सख्त बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे मंजूरी दी गई। सरकार अगले सप्ताह में मानसून सत्र के दौरान इस संशोधित विधेयक को संसद में पेश करने की तैयारी में है। इस बिल में पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ कड़े प्रावधान होंगे। बिल में पेपर लीक के मामलों में 10 की सजा और 10 करोड़ के जुर्माने का प्रावधान होगा। पेपर लीक विवाद और प्रदर्शन के बीच पीएम मोदी ने गुरुवार आधी रात 12 बजे छात्रों के लिए वीडियो संदेश जारी किया था। पीएम मोदी ने 2.56 मिनट का एक वीडियो एक्स पर पोस्ट किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। यह लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है। इसलिए पेपर लीक रोकने के लिए पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं। गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो। इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम कराया। 19 जुलाई को रिजल्ट भी आ गया।
वहीं यह भी ऐलान किया था कि पेपर लीक रोकने के लिए अगले हफ्ते संसद में नया बिल पेश किया जाएगा। इसे जल्द से जल्द पास कराने की कोशिश की जाएगी। साथ ही उन्होंने इससे पहले ऐलान किया था कि पेपर लीक केस के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। पेपर लीक से जुड़े मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे मामले का निपटारा करें और तीन महीने के भीतर सजा सुनाएं। नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन में शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा में गड़बड़ियों के लिए जवाबदेही, शिक्षा प्रणाली में सुधार और मई में नीट-यूजी पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की जा रही है। पेपर लीक की मांगों के खिलाफ एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने 26 दिन का अनशन किया था और संसद में भी हंगामा जारी है। इस मामले में सीबीआई की जांच जारी है। अब तक अलग-अलग राज्यों से 13 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। देश में पहले ही से लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 लागू है। इसे 12 फरवरी 2024 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी और 21 जून 2024 से पूरे देश में लागू है। सरकार नए संशोधन कर कानून को और सख्त और प्रभावशाली करने की तैयारी में है।
देश के युवा इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा एक्टिव
पीएम मोदी ने मंत्रियों को सलाह दी कि वे खुद को सिर्फ एक्स (पहले ट्विटर) तक सीमित न रखें, बल्कि इंस्टाग्राम पर भी लगातार एक्टिव रहें। उन्होंने उन्हें निर्देश दिया कि वे प्लेटफार्म पर अपने फॉलोअर्स की संख्या बढ़ाने पर ध्यान दें और सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं, नीतियों और अहम उपलब्धियों के बारे में लगातार जानकारी शेयर करें। कैबिनेट की मीटिंग ने मंत्रियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश के युवा अभी इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा एक्टिव हैं। इस प्लेटफार्म पर युवाओं की बड़ी मौजूदगी को देखते हुए, सरकार के कामों और योजनाओं के बारे में उन तक तक पहुंचाने इससे बेहतर कोई जरिया नहीं है। युवाओं तक सरकार की उपलब्धियों को असरदार ढंग से पहुंचाने के लिए यह जरूरी है कि उनसे उन्हीं डिजिटल प्लेटफार्म पर जुड़ें जिन्हें वे पसंद करते हैं।
सोमवार को पेश हो सकता है ये बिल
कैबिनेट की मंजूरी के बाद, सोमवार को लोकसभा में संशोधन बिल पेश किए जाने की उम्मीद है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को दावा किया था कि पिछले 10 सालों में 150 बार पेपर लीक हुए हैं और एक भी दोषी को सजा नहीं हुई है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है, सरकार सोमवार को छात्रों से जुड़ा बिल पेश करेगी। प्रधानमंत्री का कहना है कि इसमें कोई देरी नहीं होनी चाहिए। अगर कांग्रेस छात्रों के मुद्दों को उठाने के लिए संसद की कार्यवाही में बाधा डालती है, तो वह जाल में फंस जाएगी।










