नागपुर। विदर्भ में अगले 24 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है और भारत मौसम विज्ञान विभाग ने विभिन्न जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, विदर्भ में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण, विशेष रूप से पश्चिमी विदर्भ में बारिश बढ़ने की संभावना है। इसलिए, अमरावती और यवतमाल जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि वाशिम, वर्धा, अकोला, चंद्रपुर और नागपुर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक प्रवीण कुमार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश क्षेत्रों में एक उच्च दबाव क्षेत्र सक्रिय हो गया है, जिसका असर विदर्भ के मौसम पर पड़ रहा है। इस प्रणाली के कारण अगले 24 घंटों में कई क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना है। विशेष रूप से अमरावती और यवतमाल जिलों में कुछ स्थानों पर 200 मिमी तक भारी वर्षा दर्ज होने की संभावना है, इसलिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, वाशिम, वर्धा, अकोला, चंद्रपुर और नागपुर जिलों में भी भारी वर्षा का पूर्वानुमान है, जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
पडोले चौक में फिर भरा पानी
गुरुवार को हुए भारी बारिश के दौरान पडोले चौक में एक बार फिर भीषण जलभराव देखने को मिलने के बाद नागपुर की करोड़ों की लागत वाली स्मार्ट ड्रेनेज परियोजना की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। लोक निर्माण विभाग द्वारा कार्यान्वित की गई जल निकासी परियोजना को आधुनिक वर्षा जल निकासी नेटवर्क, उच्च क्षमता वाले पंपों और नई पाइपलाइनों के माध्यम से बाढ़ को रोकने के लिए डिजाइन किया गया था। हालांकि, यह प्रणाली तीव्र वर्षा का सामना करने में विफल रही। अधिकारियों ने कहा कि दोनों पंपिंग स्टेशन चालू थे, लेकिन असामान्य रूप से भारी बारिश के कारण पंपों की क्षमता से अधिक पानी निकल गया, जिसके परिणामस्वरूप पूरे क्षेत्र में पानी जमा हो गया और यातायात बाधित हो गया। स्थानीय नागरिकों ने बताया है कि वर्षों से बुनियादी ढांचागत कार्यों के बावजूद पडोले चौक लगातार बाढ़ का शिकार बना हुआ है। उन्होंने परियोजना की तकनीकी समीक्षा और इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
फिर जलमग्न अंडरपास
शहर में गुरुवार को लगातार हो रही तेज बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया। कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव हो गया, जबकि अनेक अंडरपास पूरी तरह पानी से भर गए। इससे वाहन चालकों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश से जहां किसानों और जलस्रोतों के लिए राहत की उम्मीद जगी है, वहीं शहर की बदहाल सड़कें और जगह-जगह बने गहरे गड्ढे मुसीबत बन गए हैं। कई इलाकों में सड़कें तालाब जैसी दिखने लगी हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। पानी से भरे अंडरपास के कारण कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ा।












