झारखंड : तीनों अधिकारियों से सीआईडी आज करेगी पूछताछ
सरकार ने 50% मांगें मानी : छात्रों का आंदोलन जारी रहेगा
लोकवाहिनी, संवाददाता
रांची। रांची में छात्रों के आंदोलन के बीच जेपीएससी के तीनों सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है. अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद, अनिमा हांसदा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. राज्यपाल संतोष गंगवार ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. सीआईडी समन के बाद जेपीएससी के सदस्यों ने ये फैसला लिया. सीआईडी आयोग की परीक्षाओं में अनियमितताओं की जांच कर रही है. तीनों सदस्यों को सोमवार (10 अगस्त) को पूछताछ के लिए बुलाया गया है. जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक को लेकर बीते 16 दिनों से आंदोलन जारी है. झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में धांधली को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी रहेगा. रविवार को छात्रों और सरकार के बीच तीसरे दौर की बैठक हुई, जिसमें सरकार ने छात्रों की करीब 50% मांगें मान लीं. सरकार ने 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने और ईडी जांच की मांग पर सहमति जताई है, लेकिन जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने की मांग ठुकरा दी है. छात्र सीबीआई जांच की मांग पर भी अड़े हुए हैं. हजारों की संख्या में छात्र और अभ्यर्थी सोमवार सुबह रांची स्थित नए विधानसभा का घेराव करेंगे. मंत्रियों की समिति ने स्पष्ट किया है कि सरकार छात्रों की अधिकांश मांगों पर सकारात्मक रुख अपना रही है और परीक्षा सुधार के लिए सुझाव भी मांगे गए हैं. छात्रों का कहना है कि जब तक सीबीआई जांच और सभी मुख्य बिंदुओं पर स्पष्ट आदेश नहीं आ जाते, तब तक विरोध प्रदर्शन खत्म नहीं होगा.
झारखंड के साथ साजिश हो रही है : हेमंत सोरेन
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड के साथ साजिश हो रही है. हमारे लिए युवा छात्र अहम हैं. छात्रों के साथ पारदर्शिता से न्याय होगा. सरकार तक छात्रों को अपनी बात पहुंचानी चाहिए. हमारे युवा अपने अधिकारों के लिए विरोध-प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे हैं. हमारी सरकार के कदमों के कारण ही उनमें आगे आने, विरोध करने और अपना अधिकार मांगने की हिम्मत आई है, क्योंकि हमारी सरकार ने गड़बड़ियों को उजागर किया है. युवाओं को इंसाफ मिलेगा और गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों को सख्त सजा दी जाएगी. इस मामले को सियासी नजरिए से देखने या राजनीतिक संरक्षण पाने की कोई जरूरत नहीं है. भाजपा की तरफ इशारा करते हुए सोरेन ने विरोधी राजनीतिक पार्टियों पर झूठ और गलत जानकारी फैलाकर झारखंड के युवाओं को गुमराह करने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि इसमें बुद्धिजीवी भी शामिल थे. उन्होंने चेतावनी दी, इस आंदोलन का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए. मैं राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखने वालों को युवाओं को गुमराह करने के खिलाफ आगाह करता हूं।’ मुख्यमंत्री ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं को न्याय दिलाने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा, अनियमितताओं के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. हमने चोरी पकड़ी है, न्याय भी दिलाएंगे।”












