मराठवाड़ा व सोलापुर में भीषण सूखा, पीएम मोदी से मुलाकात की सांसद बजरंग सोनवणे ने दी जानकारी
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार पार्टी के सांसदों ने मुलाकात की। इन सांसदों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सांसद सुप्रिया सुले ने किया। करीब आधे घंटे तक यह बैठक हुई। इस बैठक में सांसदों ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के मुद्दे रखे। बीड के सांसद बजरंग सोनवणे ने मोदी से मुलाकात के बाद इसकी जानकारी दी। सांसद बजरंग सोनवणे ने मराठवाड़ा और सोलापुर जिले की गंभीर सूखे की स्थिति की ओर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया। बारिश के मौसम के ढाई महीने बीत जाने के बावजूद बारिश नहीं होने से नदियां सूख गईं हैं। गोदावरी को छोड़कर किसी भी नदी में पानी नहीं आया है। फसलों को भारी नुकसान होने से किसान पूरी तरह बर्बाद हो गया है। इस संकट की घड़ी में मराठवाड़ा के किसानों के लिए सरकार तुरंत विशेष आर्थिक पैकेज घोषित करे, ऐसी मांग सोनवणे ने की। साथ ही वर्ष 2025-26 का फसल बीमा और अतिवृष्टि का अनुदान अभी तक किसानों के खातों में जमा नहीं हुआ है, इस ओर उन्होंने ध्यान दिलाया।
मुख्यमंत्री द्वारा आश्वासन दिए जाने के बावजूद मदद नहीं मिलने से किसानों में तीव्र असंतोष फैल गया है और लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। इसलिए बकाया फसल बीमा और मुआवजा तुरंत देने की मांग उन्होंने की। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के वर्ष 2025-26 के लंबित दावों का पैसा तुरंत अदा किया जाए और 2026-27 से ऐड-ऑन कवर फिर से लागू किया जाए। (गन्ना कटाई मजदूरों के बच्चों के लिए मौसमी/घुमंतू स्कूल तथा स्थानीय रोजगार की व्यवस्था की जाए।) कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, एमएसएमई और कौशल विकास को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं। धाराशिव-बीड-छत्रपति संभाजीनगर रेलवे मार्ग को गति दी जाए और प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए विशेष निधि उपलब्ध कराई जाए। बीड में मेडिकल कॉलेज व सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सुविधाएं तथा अंबाजोगाई में 50 बिस्तरों वाला क्रिटिकल केयर ब्लॉक मंजूर किया जाए। एफपीओ, कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस और कृषि प्रसंस्करण सुविधाओं का विस्तार किया जाए। बीड के धार्मिक व पर्यटन स्थलों का केंद्रीय योजनाओं के माध्यम से विकास किया जाए।
एनडीए के साथ जाने की चर्चाओं को खारिज किया
राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) पार्टी महायुति या एनडीए (NDA) में जाने की चर्चाओं पर सांसद सोनवणे ने स्पष्ट शब्दों में विराम लगा दिया। हम 100 प्रतिशत नहीं बल्कि 100 प्रतिशत विपक्ष में ही रहेंगे, ऐसा दावा उन्होंने किया। विमान में सत्ताधारी नेताओं के साथ होने वाली मुलाकातों को लेकर बेवजह संदेह व्यक्त किया जा रहा है, ऐसा बताते हुए उन्होंने कहा, यात्रा के दौरान संयोग से मुलाकात होना स्वाभाविक है। इससे पहले भी विपक्ष के नेता जनहित के लिए सत्ताधारियों से मिलते थे। लेकिन, ऐसी मुलाकातों का राजनीतिक अर्थ निकालना उचित नहीं है। पार्टी की भूमिका दृढ़ है और हम विपक्ष की बेंच पर ही बैठकर जनता के सवाल उठाएंगे, यह उन्होंने स्पष्ट किया।
संसद का कामकाज ठप होने के लिए सत्ताधारी ही जिम्मेदार
संसद का कामकाज सुचारू रूप से चलाना सत्ताधारी पार्टी की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है, ऐसा मत सांसद सोनवणे ने व्यक्त किया। सत्ताधारियों को विपक्ष के सभी प्रमुख नेताओं की बैठक बुलाकर चर्चा करना आवश्यक होता है। लेकिन, अगर सरकार विपक्ष से संवाद ही नहीं करेगी तो रास्ता कैसे निकलेगा? ऐसा सवाल उन्होंने उठाया। सत्ताधारियों की इस अड़ियल भूमिका के कारण ही सदन नहीं चल रहा है और इसके लिए पूरी तरह सरकार ही जिम्मेदार है। विपक्ष और इंडिया (INDIA) गठबंधन जो भी निर्णय लेगा, उसके साथ हमारी पार्टी पूरी ताकत से खड़ी रहेगी।












