मुख्यमंत्री ने किया वंदे मातरम प्रदर्शनी का उद्घाटन
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन (एफसीआरए) विधेयक राष्ट्र विरोधी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने विपक्षी कांग्रेस के इस आरोप को खारिज कर दिया कि यह ईसाई-विरोधी है। सोमवार को यहां एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से बात करते हुए फडणवीस ने कहा कि प्रस्तावित कानून उन सभी संगठनों पर लागू होगा जिन्हें विदेशी अंशदान मिलता है, चाहे वे किसी भी धर्म या समुदाय से जुड़े हों और इससे वैध काम करने वाले संगठनों को कोई परेशानी नहीं होगी।
इस साल जून में, सरकार ने विदेशी अंशदान प्राप्त करने के लिए एफसीआरए नियमों में बदलाव को अधिसूचित किया था। इसके तहत, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को काम के उद्देश्यों और क्षेत्रों की पूर्व निर्धारित सूची में से चयन करना अनिवार्य कर दिया गया। धर्म से जुड़ी कई तरह की गतिविधियों की अनुमति देते हुए, इन नियमों में स्पष्ट रूप से धर्मांतरण को उन श्रेणियों से बाहर रखा गया जो एफसीआरए के तहत पंजीकरण के पात्र हैं।
कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीसीआई) समेत ईसाई संगठनों ने केंद्र सरकार से प्रस्तावित कानून और हाल में लागू किए गए नियमों को वापस लेने की अपील की है। फडणवीस ने संवाददाताओं से कहा, इस संशोधन को लाने का कारण यह है कि कुछ संगठन एफसीआरए का इस्तेमाल करके देश में (विदेशी) धन ला रहे हैं और उसका इस्तेमाल देश-विरोधी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। जो लोग अच्छा काम करते हैं, उनके लिए यह विधेयक कोई रुकावट या परेशानी पैदा नहीं करेगा। एफसीआरए के नियम लागू रहेंगे। जो लोग अपने कामकाज का हिसाब देंगे, उनका लाइसेंस भी कायम रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले पर सकारात्मक रुख रखती है और यह किसी एक समुदाय का मुद्दा नहीं है। एफसीआरए सिर्फ ईसाई संगठनों के लिए नहीं है, बल्कि इसमें धर्म और समुदाय से परे सभी संगठन शामिल हैं। एफसीआरए विधेयक को लेकर चिंता जताने वाले एक अमेरिकी सांसद के बयान के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा कि यह बयान यह प्रदर्शित करता है कि यह कानून लाना क्यों जरूरी है। उन्होंने कहा, मैं फिर कहूंगा कि केंद्र सरकार सबकी बात सुनती है। यह विधेयक किसी एक समुदाय के खिलाफ नहीं है। अगर कोई समुदाय या कोई संस्था विदेश से अंशदान प्राप्त करना चाहती है, तो उन्हें एफसीआरए मंजूरी लेनी होगी। एफसीआरए संशोधन विधेयक, 2026 इस साल 25 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था और उम्मीद है कि इस हफ्ते संसद में इस पर चर्चा होगी।
उन्होंने सोमवार को विपक्षी राकांपा (शरदचंद्र पवार) सांसदों के प्रतिनिधिमंडल की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ होने वाली बैठक को अच्छी चीज बताया। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री देश के होते हैं, न कि किसी एक पार्टी के। मुझे नहीं लगता कि उनसे मिलने में कोई मुश्किल है। मैं भी मुख्यमंत्री हूं और विपक्षी दलों के कई नेता मुझसे मिलने आते हैं। वे मुझे अपने काम के बारे में बताते हैं। इसलिए मुझे नहीं लगता कि इसे किसी अलग नजरिए से देखने की कोई वजह है।
देशभक्ति के माहौल को और मजबूत करें
नागपुर महानगर पालिका की ओर से केंद्र सरकार के हर घर तिरंगा अभियान के तहत कई गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को रेशमबाग स्थित कविवर्य सुरेश भट सभागार में तिरंगा वंदे मातरम प्रदर्शनी और विशाल तिरंगा रंगोली प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया। इस अवसर पर राज्य के राजस्व मंत्री और जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, राज्यमंत्री एड. आशीष शेलार, महापौर नीता ठाकरे, विधायक संजय भेंडे, विधायक कृपाल तुमाने, उप महापौर लीला हाथीबेड़, स्थायी समिति सभापति शिवानी दाणी-वखरे, सत्ताधारी दल के नेता नरेंद्र (बाल्या) बोरकर, आयुक्त डॉ. विपिन, मुख्यमंत्री कार्यालय की संयुक्त सचिव आशा पठान, जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनायक महामुनि, पूर्व महापौर दयाशंकर तिवारी, अतिरिक्त आयुक्त मुरुगानंथन, अतिरिक्त आयुक्त मिलिंद मेश्राम, एआईएमएम के समूह नेता शकील पटेल, मुस्लिम लीग समूह के नेता असलम मुल्ला खान, शिवसेना (उबाथा) समूह के नेता किशोर कुमरेसिया, शिवसेना समूह के नेता गणेश चवले, बसपा समूह के नेता हर्षाला जायसवाल, पूर्व विधायक नाना शामकुले, महिला एवं बाल कल्याण विशेष समिति सभापति सारिका नांदुलकर, पार्षद श्रीकांत आगलावे और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारतीय ध्वज के बदलते स्वरूप, स्वतंत्रता संग्राम में वंदे मातरम के प्रेरक योगदान की जानकारी और शहीद भगत सिंह, महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और डॉ. राजेंद्र प्रसाद जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के कार्यों की समीक्षा तथा उनकी तस्वीरों का प्रदर्शन विशेष आकर्षण रहा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विशाल तिरंगा रंगोली की कला की सराहना की और कहा कि तिरंगा वंदे मातरम प्रदर्शनी के माध्यम से नागरिकों में देश के स्वतंत्रता संग्राम में महान पुरुषों के योगदान के प्रति जागरूकता और गौरव का संचार होगा। इसी बीच, महापौर ने नागरिकों से आगामी मनपा कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में भाग लेने और देशभक्ति के माहौल को और मजबूत करने की अपील की।











