कन्हान। मध्य प्रदेश से नागपुर होते हुए वर्धा में गोवंश को अवैध रूप से कत्लखाने ले जाने की एक बड़ी साजिश को कन्हान पुलिस और प्राणीण फाउंडेशन ने नाकाम कर दिया। संयुक्त कार्रवाई में 38 गोवंश को मुक्त कराया गया, जिनमें से एक मवेषी की दम घुटने से मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में मध्य प्रदेश निवासी 4 अंतरराज्यीय गो-तस्करों को दबोचकर 54.20 लाख रुपये का माल जप्त किया है।
पीछा कर बोरडा टोल पर घेरा
शनिवार को प्राणीण फाउंडेशन के पदाधिकारियों को सूचना मिली थी कि मध्य प्रदेश के भोपाल से एक कंटेनर क्र. एचआर-38-बी-7353 में बड़े पैमाने पर गोवंश भरकर कत्ल के लिए नागपुर की ओर ले जाया जा रहा है। फाउंडेशन के सदस्यों ने तुरंत निजी वाहन से संदेहास्पद कंटेनर का पीछा शुरू किया और इसकी सूचना कन्हान पुलिस को दी। कन्हान पुलिस निरीक्षक वैजयंती मंडवधरे के नेतृत्व में पुलिस दल ने मनसर मार्ग स्थित बोरडा टोल नाके पर त्वरित नाकाबंदी कर कंटेनर को रोक लिया।
पैर-मुंह को रस्सियों से बांधकर ठूंसा गया था
कंटेनर की तलाशी लेने पर अंदर का दृश्य बेहद अमानवीय था। बंद कंटेनर में बिना चारा-पानी के 38 छोटे-बड़े गोवंश को बेरहमी से ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। कई मवेशियों के पैर और मुंह रस्सियों से बंधे हुए थे। दम घुटने के कारण एक गोवंश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि 37 गोवंश को सुरक्षित बाहर निकाला गया। आरोपियों के पास मवेशियों के परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं थे।
चार आरोपी हिरासत में, गौशाला भेजे गए मवेशी
पुलिस ने मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मोहम्मद सलीम वल्द मुहम्मद हुसैन (44), आजाद वल्द युसुफ डेडवालिया (34), इब्राहिम हुसैन मंसूरी (38) और जाफर मुबारिक तांड्डूया (30), सभी निवासी मध्य प्रदेश शामिल हैं। कार्रवाई में 50 लाख रुपये कीमत का कंटेनर, 3.80 लाख रुपये मूल्य के मवेशी और 40 हजार रुपये के चार मोबाइल फोन सहित कुल 54 लाख 20 हजार रुपये का माल जप्त किया गया। बचाए गए 37 मवेशियों को उपचार व देखभाल के लिए देवलापार स्थित गो-विज्ञान अनुसंधान केंद्र की गौशाला भेज दिया गया है। आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, महाराष्ट्र पशु संवर्धन अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता और मोटर वाहन कानून के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
यह सफल कार्रवाई नागपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार, अपर पुलिस अधीक्षक अनिल मस्के, सहायक पुलिस अधीक्षक शशांक गोंडा के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक वैजयंती मंडवधरे, गुरुप्रकाश मेश्राम, आकाश सिरसाट, आकाश खोब्रागड़े, अश्विन गजभिए, पवन भेंडारकर, गणपत सायरे और वैजनाथ तोटेवार द्वारा की गई।














