हेक्टेयर पर एक लाख की सहायता समेत कई मांगें,
संभागीय आयुक्त कार्यालय के सामने कार्यकर्ताओं के साथ धरना
लोकवाहिनी संवाददाता
अमरावती। किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर क्रांतिकारी शेतकरी संगठन के अध्यक्ष रविकांत तुपकर ने अमरावती स्थित संभागीय आयुक्त कार्यालय के सामने कार्यकर्ताओं के साथ अर्धनग्न होकर धरना आंदोलन शुरू किया है। विदर्भ में सूखा घोषित करना उनकी प्रमुख मांग है। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में सूखे सोयाबीन के पौधे लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
रविकांत तुपकर ने कहा कि किसान गंभीर संकट से गुजर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आज वे अपने कपड़े उतारकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले समय में आंदोलन और तीव्र किया जाएगा। आंदोलनकारियों ने विदर्भ में सूखा घोषित करने के साथ किसानों को प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। इसके अलावा किसानों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने, फसल बीमा की राशि तत्काल देने और घटिया बीज उपलब्ध कराने वाली कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है। तुपकर ने आरोप लगाया कि कृषि विभाग के कुछ अधिकारी बीज कंपनियों से कथित तौर पर आर्थिक लाभ लेते हैं। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी की मांग करते हुए आरोप लगाया कि सरकार कर्जमाफी को वर्ष 2029 तक टालने की कोशिश कर रही है।
चीनी की कीमत बढ़ने का लाभ किसानों को नहीं
तुपकर ने चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चीनी के बढ़े हुए दामों का लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है, बल्कि इसका फायदा केवल कुछ व्यापारियों को हो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार से किसानों के सवाल नहीं पूछे जाएं तो क्या इसके लिए अमेरिका जाकर डोनाल्ड ट्रम्प से सवाल किया जाए? उन्होंने कहा कि यदि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो किसानों का आंदोलन और व्यापक किया जाएगा। हालांकि, तुपकर के बयान में सत्ताधारी नेताओं को रोकने और उनके खिलाफ आक्रामक कार्रवाई का आह्वान भी किया गया है। ऐसे बयानों के बीच अब प्रशासन इस आंदोलन और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर क्या कदम उठाता है, इस पर नजर बनी हुई है।
‘आने वाले समय में बड़ा आंदोलन करेंगे’
तुपकर ने कहा कि जब भी किसान अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरते हैं, उनके खिलाफ मामले दर्ज किए जाते हैं। उन्होंने सरकार पर किसानों की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि आने वाले समय में किसानों के लिए बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि नेताओं को अन्य आंदोलनों के स्थानों पर जाने का समय मिलता है, लेकिन किसानों की समस्याओं पर ध्यान देने के लिए समय नहीं है। रविकांत तुपकर ने कहा कि किसानों के मुद्दों को लेकर अब पूरे विदर्भ में आंदोलन किया जाएगा और इसकी शुरुआत अमरावती से हुई है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को आगे चलकर पूरे महाराष्ट्र में ले जाया जाएगा। उन्होंने कृषि विभाग के कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे आंदोलन को भी समर्थन देने की घोषणा की। तुपकर ने कहा कि महाराष्ट्र का किसान सूखे की मार झेल रहा है, जबकि राज्य सरकार शक्तिपीठ महामार्ग के निर्माण में व्यस्त है।












