विचार-विमर्श में मतभिन्नता सामान्य बात, सभी फैसले वैधानिक प्रक्रियाओं के अनुरूप: निर्वाचन आयोग
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने बुधवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर उसके दो आयुक्तों द्वारा 14 बार उठाई गईं आपत्तियों को लेकर कहा कि किसी भी संस्थान में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होती हैं तथा उसके सभी आदेशों को पूर्ण कानूनी मान्यता प्राप्त है और ये स्थापित वैधानिक प्रक्रियाओं के अनुरूप हैं। आयोग ने एक बयान में कहा कि केवल तीनों निर्वाचन आयुक्त ही नहीं, बल्कि आयोग का प्रत्येक अधिकारी चुनाव प्रणाली में सुधार के लिए अपने सुझाव देने के लिए पूरी तरह अधिकृत है। आयोग ने कहा कि मसौदा वाले चरण के दौरान आयोग के सदस्यों द्वारा उठाए गए परिचालन संबंधी सवाल या दिए गए सुझाव मानक प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना है। आयुक्तों द्वारा दिए गए सुझाव चुनाव प्रक्रियाओं को और बेहतर बनाने के लिए थे।
विपक्ष हमलावर: …तो नहीं बख्शेंगे: राहुल
एसआईआर प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जो कुछ किया जा रहा है, वह गलत है और देश के हितों के खिलाफ है। राहुल गांधी ने कहा, वोट की चोरी भारत के लोगों के खिलाफ एक क्राइम है। हमारे संविधान पर सीधा हमला है। इसे अंजाम देने वाले भाजपा, आरएसएस और इलेक्शन कमीशन ने देशद्रोह का काम किया है। इंसाफ जरूर होगा। उन्होंने कहा कि समय आने पर किसी को बख्शेंगे नहीं।
कार्रवाई हो: ममता
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर देश भर में आंदोलन किया जाना चाहिए।
तमिलनाडु, महाराष्ट्र में दोबारा चुनाव हो: उद्धव
उद्धव प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त किया जाए और लोकतंत्र की हत्या करने के लिए उन्हें जेल भेजा जाए। ठाकरे ने यह भी मांग की कि महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हाल में हुए चुनावों को रद्द किया जाए और इन राज्यों में यंत्रों का उपयोग करके दोबारा मतदान कराया जाए।














