निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने महाराष्ट्र सरकार के समक्ष 10 प्रमुख मांगें रखी हैं। परिषद ने संबंधित मामलों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। सोमवार को विहिप द्वारा मोर्चा निकालकर संबंधित प्रशासन को निवेदन सौंपा गया। विहिप ने 1993 मुंबई बम विस्फोट मामले के आरोपी गैंगस्टर अबू सलेम से जेल में मुलाकात और उसकी रिहाई की कथित मांग से जुड़े प्रकरण की जांच की मांग की है।
परतवाड़ा के कथित लैंगिक शोषण मामले के आरोपियों से मुलाकात और अल्पसंख्यक आयोग के जरिए पुलिस अधिकारियों पर दबाव बनाने के आरोपों की भी जांच मांगी गई है। परिषद ने कथित गो-तस्करी के लिए टोल बूथ बैरियर तोड़कर वाहन निकाले जाने की शिकायतों पर कार्रवाई की मांग की।
धार्मिक कट्टरता, आतंकवादी गतिविधियों और कथित राष्ट्रविरोधी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी रखी गई। भूमाफिया व आतंकवादी तत्वों से कथित संबंधों की जांच के साथ-साथ सीमा कसोरिया को भूमि दस्तावेज लेते समय कथित रूप से धमकाने और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के आरोपों की जांच मांगी गई है। लालगंज क्षेत्र में मस्जिद के कथित अवैध निर्माण पर उच्च न्यायालय के ध्वस्तीकरण आदेश को कथित दबाव में रोके जाने की भी जांच की मांग की गई। इसके अलावा ताजबाग धार्मिक ट्रस्ट में कथित 3.02 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता, नागपुर ट्रेलर एसोसिएशन से जुड़े ओवरलोड ट्रकों और आर्किटेक्ट एकनाथ निमगड़े की वर्धा रोड स्थित भूमि विवाद की जांच की मांग रखी गई। परिषद ने अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान को पद से हटाने की मांग भी दोहराई है।













