सूखे पर बोली राज्य सरकार : 65 लाख हेक्टेयर का पंचनामा पूरा, 19 और तहसीलों में होगा फसल सर्वेक्षण
मुंबई। राज्य में सूखे जैसी स्थिति में किसानों को राहत देने के लिए दिवाली से पहले मदद देने की योजना बनाई गई है। अब तक 65 लाख हेक्टेयर क्षेत्र और 44 प्रतिशत पंचनामा का काम पूरा हो गया है, ऐसी जानकारी मदद एवं पुनर्वास मंत्री मकरंद पाटील ने दी। शेष पंचनामा की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है और मदद वितरण में तेजी लाई जा रही है, यह उन्होंने स्पष्ट किया। सूखे की गंभीरता निर्धारित करने के लिए जिन तहसीलों से मांग आई है, वहां सर्वेक्षण उपग्रह तस्वीरों और प्रत्यक्ष निरीक्षण, इन दोनों माध्यमों से किया जाएगा। इसमें 50 प्रतिशत नमूना उपग्रह तस्वीरों के आधार पर, जबकि 50 प्रतिशत प्रत्यक्ष निरीक्षण के आधार पर लिया जाएगा। इससे फसलों की स्थिति, पानी की उपलब्धता और वास्तविक स्थिति का संयुक्त आकलन किया जा सकेगा।
राज्य में पहले चरण में 265 तहसीलों को शामिल किया गया था। इसके बाद और 3 और अब 19 तहसीलों को शामिल किया गया है। अन्य तहसीलों की स्थिति का इसी पद्धति से आकलन किया जाएगा। पंचनामा पूरा हुए क्षेत्र के पात्र किसानों को दिवाली से पहले मदद मिले, इसके लिए कार्रवाई शुरू है। अब तक 44 प्रतिशत पंचनामा पूरे हो चुके हैं और शेष काम भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। इसलिए इस साल किसानों को आर्थिक मदद के सहारे दिवाली मनाने का अवसर मिल सके, इसके लिए सरकार की ओर से प्रयास जारी हैं। सूखे की स्थिति का असर पीने के पानी पर न हो, इसके लिए पानी की कटौती, उपलब्ध जल भंडार की योजना, आरक्षित कोटा और बफर स्टॉक का विचार किया गया है। 30 अगस्त 2027 तक पानी पर्याप्त रहे, इस तरह से योजना बनाई जा रही है। उपलब्ध पानी का मितव्ययिता से उपयोग और पीने के पानी को प्राथमिकता दी जाएगी।
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दो दिन केंद्रीय दल महाराष्ट्र दौरे पर: राज्य में सूखे की स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने के लिए केंद्रीय दल आगामी 10 या 12 तारीख को महाराष्ट्र के दौरे पर आने वाला है। यह दल तीन स्वतंत्र चरणों में बीड-धाराशिव, यवतमाल-वाशिम और अहिल्यानगर-सोलापूर जिलों का दौरा करके स्थानीय स्थिति की विस्तृत समीक्षा करेगा, यह जानकारी राजस्व मंत्री बावनकुले ने दी।
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10 प्रतिशत पानी की कटौती लागू: राज्य में पानी के भंडार को देखते हुए पीने के पानी की उचित योजना बनाने के लिए 31 अगस्त तक की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके अनुसार राज्य के सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 10 प्रतिशत पानी की कटौती लागू की जाएगी।













