1.31 करोड़ में तय हुई डील, 66 लाख लेकर आरोपी फरार
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। नंदनवन थाना क्षेत्र में जमीन के नाम पर 66 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता शिवराज नथ्थूजी ठाकरे की शिकायत पर नंदनवन पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, फरियादी खेती की जमीन खरीदना चाहते थे। इसी दौरान आरोपियों ने उन्हें मीजा भरतवाड़ा, काटोल रोड स्थित सर्वे नंबर 113 की करीब 3.49 हेक्टेयर जमीन दिखाई। आरोपियों ने दावा किया कि यह जमीन अनंत हरिभाऊ कुकड़े के नाम पर है। इसके बाद जमीन का सौदा कथित तौर पर 1 करोड़ 31 लाख रुपये में तय किया गया। शिकायत के मुताबिक, आरोपी गणेश दंडे ने हीरासिंग और नाना निकोसे की मदद से अनंत कुकड़े के नाम पर फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड तैयार किए। इसके बाद बैंक खाते के माध्यम से जमीन की बिक्री का कथित फर्जीवाड़ा किया गया। इस दौरान फरियादी से नकद और चेक के जरिए कुल 66 लाख रुपये लिए गए। बाद में जमीन के मालिकाना हक और दस्तावेजों को लेकर सच्चाई सामने आने पर शिकायतकर्ता ने नंदनवन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनका इस्तेमाल करने सहित संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
फ्लैट दिलाने के नाम पर 28 लाख की ठगी: सोनेगांव थाना क्षेत्र में फ्लैट दिलाने के नाम पर 28 लाख रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि खुद को प्रॉपर्टी डीलर कंपनी का एजेंट बनकर आरोपी ने शिकायतकर्ता को मिहान स्थित शिवकैलाश टाउनशिप में फ्लैट दिलाने का भरोसा दिया और उससे लाखों रुपये ले लिए। बाद में वही फ्लैट किसी अन्य व्यक्ति को बेचने का आरोप है। फरियादी निकिता रामपाल (34), निवासी शिवकैलाश टाउनशिप, मिहान ने पुलिस को बताया कि रितेश तिवारी (37) गोपाल नगर निवासी ने खुद को ओम शिवम बिल्डकॉन प्रॉपर्टी डीलर का एजेंट बताते हुए फ्लैट नंबर 301 दिलाने का भरोसा दिया था। इसके बाद शिकायतकर्ता से कथित तौर पर 28 लाख 8 हजार रुपये लिए गए। आरोप है कि रकम लेने के बाद रितेश तिवारी ने उसी फ्लैट को कंपनी के माध्यम से किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने रकम का इस्तेमाल अपने निजी फायदे के लिए किया। जब शिकायतकर्ता ने अपनी रकम वापस मांगी और आरोपी के घर पहुंची, तो रितेश तिवारी और उसके पिता हरिहर तिवारी (65) ने कथित तौर पर पुलिस में शिकायत नहीं करने की धमकी दी। सोनेगांव पुलिस ने रितेश तिवारी और हरिहर तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
ई-मेल हैक कर कंपनी को लगाया 34.50 लाख का चूना
सीताबर्डी थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि साइबर ठगों ने एक कंपनी के विक्रेता का ई-मेल हैक कर बैंक अकाउंट बदलने का फर्जी संदेश भेजा और मशीन खरीदने के लिए भेजी गई 34 लाख 50 हजार रुपये की रकम अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। पुलिस के अनुसार, फरियादी (34) वर्षीय अयोध्या नगर, बुटीबोरी स्थित इतेज इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड में एचआर मैनेजर हैं। कंपनी को रोल फॉर्मिंग मशीन खरीदनी थी। इसके लिए कंपनी ने नियमित विक्रेता डिवाइन मटीन्स प्राइवेट लिमिटेड से ई-मेल के जरिए संपर्क किया था। मशीन की कीमत करीब 1.15 करोड़ रुपये तय हुई थी और 30 प्रतिशत रकम एडवांस देने की बात हुई। आरोप है कि 30 सितंबर को पुराने ई-मेल थ्रेड में एक अन्य ई-मेल भेजकर कंपनी का बैंक अकाउंट बदलने की जानकारी दी गई।
फर्जी लेटरहेड भेजकर बैंक मैनेजर से 9.50 लाख की ठगी
जरीपटका स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बैंक मैनेजर से 9.50 लाख रुपये की साइबर ठगी मामले में आरोपी ने खुद को अनमोल यादव बताकर उन्नति मोटर्स के नाम का फर्जी लेटरहेड तैयार किया और उसे WhatsApp के जरिए बैंक मैनेजर को भेजा।














