तीन बागी उम्मीदवारों ने वापस लिए नामांकन
लोकवाहिनी, संवाददाता
अमरावती। महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों पर होने वाले चुनाव के बीच अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में महायुति को बड़ी राहत मिली है। नामांकन वापस लेने के शुक्रवार को अंतिम दिन महायुति से जुड़े तीन बागी उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस ले लिए। इससे शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवार एवं मौजूदा विधायक किरण सरनाईक की स्थिति मजबूत हुई है। हालांकि, महायुति के कुछ अन्य उम्मीदवार अब भी मैदान में डटे हुए हैं। अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पोहरादेवी के महंत सुनील महाराज चव्हाण, रवि राणा की युवा स्वाभिमान पार्टी की प्रोति रखने और विधायक बच्चू कडू की प्रहार सामाजिक संगठन के नितिन आदे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इनके अलावा निर्दलीय उम्मीदवार सकील खान ने भी नामांकन वापस लिया है। अब इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल 26 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।
अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से महायुति ने शिवसेना (शिंदे गुट) के मौजूदा विधायक किरण सरनाईक को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, कांग्रेस ने अदिति ऋषिकेश पोहरे और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) ने दत्तात्रय लहने को मैदान में उतारा है। इन प्रमुख उम्मीदवारों के कारण यहां त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना जताई जा रही है। तीन बागी उम्मीदवारों के नाम वापस लेने से शिवसेना को राहत मिली है, लेकिन महायुति के कुछ नेताओं ने अब भी अपनी उम्मीदवारी बरकरार रखी है। अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से महायुति से जुड़े निम्नलिखित उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया है जिनमें,
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संगीता सचिंद्र शिंदे-बोंडे – भाजपा सांसद अनिल बोंडे की बहन।
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शेखर भोयर – भाजपा विधायक राजेश्वर वानखेड़े के साले।
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श्रीकांत देशपांडे – पूर्व विधायक एवं शिवसेना (शिंदे गुट) के पदाधिकारी।
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सुमित पवार – भाजपा पदाधिकारी।
इन उम्मीदवारों के मैदान में बने रहने से महायुति के सामने चुनौती पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।
महाविकास आघाडी में भी दोस्ताना मुकाबला
महायुति की तरह महाविकास आघाडी में भी सब कुछ ठीक नहीं है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने बुलढाणा जिले के दत्तात्रय लहने को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। वहीं, श्री शिवाजी शिक्षा संस्था के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री हर्षवर्धन देशमुख की बेटी प्रो. अदिति पोहरे ने कुछ दिन पहले कांग्रेस में प्रवेश किया था। इसके तुरंत बाद कांग्रेस ने उन्हें अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। अब दोनों दलों के उम्मीदवार आमने-सामने हैं और उनके बीच दोस्ताना मुकाबला होने की स्थिति बनी है। इसके अलावा विभिन्न शिक्षक संगठनों के उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में हैं। कुल मिलाकर, अमरावती विभाग शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव बहुकोणीय हो गया है। महायुति और महाविकास आघाडी के अधिकृत प्रत्याशियों के सामने बागियों की चुनौती है। ऐसे में मतों का विभाजन किस उम्मीदवार के लिए फायदेमंद साबित होगा और किसे नुकसान उठाना पड़ेगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।













