विरोध : महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा पर स्थित कोगनोली टोल नाके पर अनिश्चितकालीन धरना
लोकवाहिनी, संवाददाता
कोल्हापुर। गन्ने के लिए प्रति टन 50 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देने की मांग को लेकर मंगलवार को स्वाभिमानी शेतकरी संघटना एवं कर्नाटक की रयत शेतकरी संघटना की ओर से महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा पर स्थित कोगनोली टोल नाके पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया। स्वाभिमानी शेतकरी संघटना के नेता राजू शेट्टी ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक वे राष्ट्रीय राजमार्ग से नहीं हटेंगे।
नई दिल्ली में सरकार के साथ हुई बैठक में केवल औपचारिकता का दिखावा ही हुआ, यह आरोप राजू शेट्टी ने लगाया। इसके साथ ही राज्य साखर संघ के पूर्व अध्यक्ष दिलीप वलसे पाटिल ने गन्ने के मूल्य के बारे में अपमानजनक टिप्पणी किए, जिसके जवाब में शेट्टी ने सवाल किया, क्या हमारा गन्ना आपके पिता की ‘पेंड’ जैसा है? दोनों राज्यों के किसान संगठनों ने यह स्पष्ट किया है कि जब तक ठोस निर्णय नहीं लिए जाते, तब तक इस सीमा पर आंदोलन जारी रहेगा। किसानों को प्रति टन 50 रुपये और इथेनॉल को प्रति लीटर 70 रुपये का समर्थन मांगा जा रहा है। इस आंदोलन के मद्देनजर, महाराष्ट्र और कर्नाटक पुलिस ने यहां भारी सुरक्षा व्यवस्था तैनात की है।
यह आंदोलन, बेलगांव जिले की सीमा में तीन स्थानों पर आयोजित किया जा रहा है और सुरक्षा के लिए लगभग 2 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, यह जानकारी बेलगांव के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के. रामराजन ने दी है। हालांकि, कर्नाटक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आंदोलनकारियों को राजमार्ग के किनारे शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने की अनुमति है, लेकिन यातायात को पूरी तरह से रोका नहीं जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने भारी वाहनों को राजमार्ग पर आने से बचने का आग्रह किया है। महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा पर स्थित कोगनोली टोल नाके क्षेत्र में, पूर्व सांसद राजू शेट्टी के नेतृत्व में, हजारों किसानों की उपस्थिति में, विभिन्न लंबित मांगों के लिए आंदोलन चल रहा है। इस आंदोलन के कारण पुणे-बंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित हो गई है और पुलिस ने यातायात के वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने का निर्देश दिया है। स्वाभिमानी किसान संघ के नेता राजू शेट्टी ने कहा है कि वे तब तक राजमार्ग पर प्रदर्शन करेंगे जब तक कि मांगों पर कोई समाधान नहीं निकलता। कोगनोली, करनूर, वंदूर और मत्तिबडे के स्थानीय किसानों ने इस आंदोलन में समर्थन दिया है और आंदोलन स्थल पर भोजन की व्यवस्था की गई है।













