विपक्ष का फर्जी नैरेटिव महाराष्ट्र विरोधी : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से कर्जत में ऊर्जा परियोजना के बारे में सवाल पूछे जाने पर उन्होंने विपक्ष पर महाराष्ट्र विरोधी रुख अपनाने हुए फर्जी नैरेटिव फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि 18 महीने तक सभी सुनवाई प्रक्रियाओं से गुजरने और कानूनी मंजूरी मिलने के बाद ही इस परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। इंडिया ज्वेलरी पार्क का महापे में भूमिपूजन किया गया है। इस परियोजना में 40 हजार से 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। यहां लगभग 1 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। यह देश का सबसे बड़ा ज्वेलरी पार्क होगा। फडणवीस ने कहा कि लगातार अलग-अलग तरह के नैरेटिव तैयार किए जाते हैं। इसी वजह से मैंने कहा था कि देश के कुल निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 58 प्रतिशत है। कई तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं, इसके बावजूद इस क्षेत्र में महाराष्ट्र स्पष्ट रूप से अग्रणी है। जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ने हमसे जमीन उपलब्ध कराने की मांग की थी। इस पार्क के तैयार होने के बाद रत्न एवं आभूषण उद्योग के क्षेत्र में महाराष्ट्र अग्रणी बना रहेगा।
भीमाशंकर अभयारण्य में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई किए जाने की चर्चा के बारे में मुख्यमंत्री से सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि इसे फर्जी नैरेटिव फैलाने के अलावा कुछ और नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि पंप स्टोरेज यानी जलविद्युत ऊर्जा स्वच्छ ऊर्जा है। इससे प्रदूषण नहीं होता। आज हम देखें तो सौर ऊर्जा की क्षमता काफी अधिक है, लेकिन हमारी बिजली की सबसे ज्यादा मांग का समय सौर ऊर्जा उत्पादन के समय के बाद आता है। ऐसे में यदि हमें कोयले से बिजली बनानी पड़े, तो प्रदूषण होता है। इसीलिए स्वच्छ ऊर्जा के उद्देश्य से यह परियोजना लाई जा रही है। इस परियोजना के माध्यम से 3,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। यह पूरी तरह स्वच्छ ऊर्जा होगी। जिस जमीन का उपयोग परियोजना के लिए किया जा रहा है, वहां जलाशय बनाए जाएंगे।
इसके बदले कंपनी ने वन विभाग को तीन गुना जमीन उपलब्ध कराई है। वन विभाग की ओर से 30 हजार और 60 हजार, यानी कुल 90 हजार पेड़ लगाए जाएंगे। फडणवीस ने कहा कि यदि यह बिजली उपलब्ध नहीं हुई, तो हमें कोयले से बिजली लेनी पड़ेगी। उससे होने वाले प्रदूषण की भरपाई करने के लिए 28 करोड़ पेड़ लगाने पड़ेंगे। उन्होंने आगे कहा कि यदि 3,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन थर्मल पावर के माध्यम से किया जाए, तो उससे उतना प्रदूषण होगा, जितना 40 लाख गाड़ियों से होता है। इसलिए हम स्वच्छ ऊर्जा की परियोजना ला रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना पर्यावरण के अनुकूल है। इसमें होने वाला पूरा निवेश महाराष्ट्र में किया जा रहा है और ऊर्जा पर पहला अधिकार भी महाराष्ट्र का ही होगा। यह परियोजना भीमाशंकर के जंगल से 16 किलोमीटर और मंदिर से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस परियोजना के माध्यम से महाराष्ट्र को स्वच्छ ऊर्जा मिल सकेगी।
मुंबई एयरपोर्ट के पास विकास कार्यों का उद्घाटन
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार के साथ रविवार को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास के विकास कार्यों का उद्घाटन किया। इस दौरान राज्य के नेताओं ने बेहतर कनेक्टिविटी और इस क्षेत्र में विकास की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा इस क्षेत्र की जीडीपी में 1 प्रतिशत तक का योगदान दे सकता है। उन्होंने नवी मुंबई एयरपोर्ट इन्फ्लुएंस नोटिफाइड एरिया के योजनाबद्ध और व्यवस्थित विकास की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, जब हमने नवी मुंबई हवाई अड्डे के निर्माण का निर्णय लिया और काम शुरू हुआ, तब एक बात स्पष्ट थी कि विशेष रूप से बड़े शहरों में बनने वाला कोई भी हवाई अड्डा केवल हवाई अड्डे तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देता है। इसका एक आर्थिक गुणक प्रभाव होता है। नवी मुंबई जैसे हवाई अड्डे में इतनी क्षमता है कि केवल यह हवाई अड्डा ही इस क्षेत्र की जीडीपी में पूरे 1 प्रतिशत की वृद्धि कर सकता है। इसलिए हमें यह समझ में आया कि यदि हमने इसका उचित विकास नहीं किया, तो इसके अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएंगे। उन्होंने आगे कहा, यदि हमने सुनियोजित तरीके से और निर्धारित समयसीमा के भीतर विकास की योजना नहीं बनाई, तो विकास तो होगा, लेकिन पूरी व्यवस्था अव्यवस्थित हो जाएगी। रायगढ़, नवी मुंबई और ठाणे का पूरा क्षेत्र अनियोजित तरीके से विकसित होगा और भविष्य में हमें इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे। इसीलिए नवी मुंबई एयरपोर्ट इन्फ्लुएंस नोटिफाइड एरिया के संबंध में यह निर्णय लिया गया।














