4,200 रुपये प्रति टन के प्रस्ताव को मंजूरी, पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग 61 घंटे बाद आखिरकार खुला
लोकवाहिनी, संवाददाता
कोल्हापुर। चालू पेराई सत्र में गन्ने को उचित भाव दिलाने के लिए स्वाभिमानी शेतकरी संगठन की ओर से पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर पिछले 61 घंटों से रास्ता रोको आंदोलन किया जा रहा था। आखिरकार गन्ने के दाम का गतिरोध समाप्त हो गया है। प्रति टन 4,200 रुपये देने के प्रस्ताव को स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेता राजू शेट्टी ने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने मध्यरात्रि 1 बजकर 45 मिनट पर आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की। वहीं, आज कोल्हापुर, सांगली और सातारा जिले में बंद का दिया गया आह्वान भी वापस ले लिया गया। इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात के लिए पूरी तरह खोल दिया गया है।
पिछले एक महीने से गन्ने के दाम को लेकर लगातार बैठकें हो रही थीं, लेकिन इनमें कोई अंतिम समाधान नहीं निकल पाया था। इसके बाद स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेता और पूर्व सांसद राजू शेट्टी के नेतृत्व में कोल्हापुर के राष्ट्रीय राजमार्ग पर किनी टोल नाके के पास पिछले तीन दिनों से रास्ता रोको आंदोलन जारी था। गुरुवार शाम को राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ, पूर्व मंत्री प्रकाश आवाडे और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों की जिलाधिकारी कार्यालय में बैठक हुई। इस बैठक में 3,900 रुपये प्रति टन पहली किस्त, चीनी मिल का पेराई सत्र समाप्त होने के बाद 100 रुपये और यदि चीनी का भाव 4,500 रुपये प्रति क्विंटल मिलता है तो अतिरिक्त 200 रुपये देने का प्रस्ताव रखा गया। इस तरह कुल 4,200 रुपये प्रति टन देने का प्रस्ताव था।
हालांकि, बैठक में मौजूद किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने शुरुआत में इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। इसके बाद किनी टोल नाके पर राजू शेट्टी ने किसानों और संगठन के प्रतिनिधियों के साथ विस्तार से चर्चा की। आखिरकार मध्यरात्रि 1 बजकर 45 मिनट पर सरकार की ओर से दिए गए प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए उन्होंने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की। आंदोलन के अगले चरण के तहत कोल्हापुर के साथ सांगली और सातारा जिले में बंद का आह्वान किया गया था। हालांकि, आंदोलन स्थगित होने के बाद यह बंद भी वापस ले लिया गया। इसकी जानकारी राजू शेट्टी ने दी।
पिछले तीन दिनों से स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेतृत्व में पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम आंदोलन जारी था। समाधान निकालने के लिए मंत्री हसन मुश्रीफ ने जिलाधिकारी कार्यालय में किसान संगठनों और चीनी मिल मालिकों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की। शुरुआत में प्रति टन 3,800 रुपये देने पर चर्चा हुई। इसके बाद किसान संगठनों ने 4,000 रुपये प्रति टन की मांग की, लेकिन चीनी मिल मालिकों ने इस मांग को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। आखिरकार 3,900 रुपये पहली किस्त, पेराई सत्र समाप्त होने के बाद 100 रुपये और यदि पूरे वर्ष चीनी का भाव 45 रुपये प्रति किलो से अधिक रहता है तो अतिरिक्त 200 रुपये देने का प्रस्ताव रखा गया।
पुलिस प्रशासन ने ली राहत की सांस
पिछले तीन दिनों से किनी टोल नाका परिसर में स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के आंदोलन को देखते हुए कोल्हापुर पुलिस दल की ओर से भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। दीपावली के त्योहार के कारण मुंबई और पुणे से बड़ी संख्या में लोग कोल्हापुर अपने घर आ रहे हैं। आंदोलन के कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब स्वाभिमानी शेतकरी संगठन का आंदोलन स्थगित होने से पुलिस प्रशासन के साथ ही दीपावली पर अपने गांव लौटने वाले नागरिकों को भी बड़ी राहत मिली है। राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर फंसे लंबी दूरी के मालवाहक ट्रक अब अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात के लिए पूरी तरह खोल दिया गया है।















