जालंधर। पांच बार की चैंपियन और एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीम मंगलवार से यहां शुरू होने वाले छह देशों के एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (एसीटी) हॉकी टूर्नामेंट में खिताब के प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेगी जहां उसका पहला मुकाबला बांग्लादेश से होगा। इस टूर्नामेंट से 17 साल के बाद पंजाब में अंतरराष्ट्रीय हॉकी की भी वापसी होगी। यह राज्य कई दशकों से भारतीय हॉकी का केंद्र रहा है और आज भी टीम के आधे से अधिक खिलाड़ी यहीं से आते हैं। लेकिन इससे पहले यहां आखिरी बार अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट 2009 में गोल्ड कप के रूप में खेला गया था। लेकिन भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, जरमनप्रीत सिंह, राजिंदर सिंह, हार्दिक सिंह, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह और मनदीप सिंह जैसे खिलाड़ियों का अपने राज्य में अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेलने का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। उन्हें अपने गृह राज्य में परिवार और दोस्तों के सामने खेलने का मौका मिलेगा।
हरमनप्रीत पहले ही कह चुके हैं कि स्टैंड में अपने परिवार को देखना उनके लिए बेहद खुशी का पल होगा। हालांकि अभ्यास सत्र के दौरान पिंडली में चोट लगने के कारण मनदीप सिंह पहले मैच में नहीं खेल पाएंगे। उनकी जगह विवेक सागर प्रसाद को अंतिम एकादश में शामिल किया गया है। भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन भी पंजाब में खेलने को लेकर उत्सुक हैं। उन्होंने कहा, ‘हम घरेलू दर्शकों से मिलने वाले जोश और ऊर्जा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। भारत में टूर्नामेंट खेलने जैसा कुछ नहीं है और हम इसका बहुत इंतजार कर रहे थे।’ भारतीय टीम मौजूदा चैंपियन है और यह विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर है जो इसमें भाग लेने वाली टीमों में सर्वोच्च है। भारत ने सर्वाधिक पांच बार 2011, 2016, 2018, 2023 और 2024 में खिताब जीता है।
भारतीय टीम सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टूर्नामेंट से हटने वाले पाकिस्तान की जगह लेने वाले बांग्लादेश के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी और फिर 29 अक्तूबर को चीन, 30 अक्तूबर को जापान, एक नवंबर को मलेशिया और दो नवंबर को कोरिया के खिलाफ खेलेगी। प्रतियोगिता के लीग चरण से शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। सेमीफाइनल और फाइनल चार और पांच नवंबर को मोहाली में खेले जाएंगे। भारत ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम के मुख्य खिलाड़ियों को बरकरार रखा है और कुछ मामूली बदलाव किए हैं। गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक ने मोहित एचएस की जगह ली है जबकि युवा डिफेंडर अमनदीप लाकड़ा और मिडफिल्डर आदित्य लाकड़ा को राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह पक्की करने का मौका मिला है। चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के नहीं होने के कारण भारत के लिए टूर्नामेंट में सबसे बड़ा खतरा मलेशिया होगा।












